प्रेम, पिटाई और पत्थर का रहस्य : नशे में उजाड़ा अपना घर, फिर जो हुआ वह चौंकाने वाला...
कोरबा : छत्तीसगढ़ के पाली थाना क्षेत्र के धौराभाठा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां नशे में धुत पति ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर एसडीआरएफ (SDRF) टीम ने मृतका का शव नकटी बांध से बरामद किया। शव के साथ एक भारी पत्थर बंधा हुआ था। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
प्रेम विवाह और हत्या का काला सच
35 वर्षीय उमाशंकर ने 12 साल पहले ईश्वरी बाई (32) से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों ने लांघी नदी किनारे घर बनाकर रहना शुरू किया। उनका 11 साल का बेटा भी है। शुरुआत में उमाशंकर भारी वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन हाल के दिनों में वह शराब का आदी हो गया था।
घरेलू विवाद और हत्या की रात
30 नवंबर की शाम उमाशंकर ने नशे की हालत में ईश्वरी की डंडे से पिटाई कर दी। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उमाशंकर की मां को सूचना दी। मां ने पहुंचकर मामला शांत कराया, लेकिन अगले ही दिन, 1 दिसंबर को ईश्वरी लापता हो गई।
पुलिस की सख्ती और अपराध का खुलासा
ईश्वरी के गायब होने पर बेटे ने पिता से कई बार पूछताछ की, लेकिन उमाशंकर ने उसे टाल दिया। पुलिस को लापता होने की सूचना मिलने पर शक के आधार पर उमाशंकर को हिरासत में लिया गया। पहले वह सवालों से बचता रहा, लेकिन 2 दिसंबर को उसने कबूल किया कि उसने पत्नी की हत्या कर शव को नकटी बांध में फेंक दिया।
शव बरामदगी और जांच
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ टीम की मदद से नकटी बांध में तलाशी अभियान चलाया। बुधवार को ईश्वरी का शव पानी से बरामद हुआ। शव नग्न अवस्था में था और उससे एक बड़ा पत्थर बंधा हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आरोप और शक की वजह
उमाशंकर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिससे उनके बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी इसी बात पर झगड़ा हुआ, जिसके बाद उमाशंकर ने गुस्से में आकर ईश्वरी की हत्या कर दी।
झूठी गुमशुदगी रिपोर्ट से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने शव को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने अपने बेटे और मां को भी धोखे में रखा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस दर्दनाक घटना ने नशे और घरेलू हिंसा के खतरों को फिर से उजागर कर दिया है।

