Stock Market July 3: शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स 77,000 और निफ्टी 24,000 के पार, आईटी शेयरों ने भरी उड़ान
Stock Market July 3: नई दिल्ली/मुंबई। चालू हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज शुक्रवार, 3 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमने से घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया।
Stock Market July 3: शुरुआती कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 376.23 अंक (0.49%) की छलांग लगाकर 77,878.35 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 124.80 अंक (0.52%) की बढ़त के साथ 24,300.50 पर कारोबार कर रहा है।
Stock Market July 3: बाजार की इस तेजी की कमान पूरी तरह से आईटी (IT) सेक्टर ने संभाल रखी है। बाजार खुलते ही देश की दिग्गज टेक कंपनियों जैसे इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस (TCS) के शेयरों में शानदार लिवाली देखने को मिली।
Stock Market July 3: मिडकैप और पावर इंडेक्स में सुस्ती
जहां एक तरफ बड़े शेयरों में तेजी है, वहीं बीएसई मिडकैप इंडेक्स में मामूली सुस्ती देखी जा रही है। यह इंडेक्स 16.52 अंक (0.09%) की हल्की गिरावट के साथ 18,164.13 पर है। इसके अलावा बीएसई पावर इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहा है, जहां अधिकांश पावर शेयरों में मुनाफावसूली देखी जा रही है। हालांकि, स्मॉलकैप इंडेक्स बढ़त के साथ बाजार को सपोर्ट दे रहा है।
Stock Market July 3: एशियाई बाजारों में भी हरियाली, कच्चे तेल से मिली राहत
वैश्विक मोर्चे पर बात करें तो टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता समेत लगभग सभी प्रमुख एशियाई बाजारों में तेजी का रुख है। इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स 1.14% मजबूत हुआ था, वहीं टेक-हैवी नैस्डैक में 0.80% की कमजोरी रही थी।
Stock Market July 3: बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण कोरियाई बाजारों और चिप (Semiconductor) से जुड़े शेयरों में आई कमजोरी के बीच भारतीय बाजारों का प्रदर्शन काफी मजबूत और टिकाऊ नजर आ रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होना भी एक बड़ी राहत है।
Stock Market July 3: इसके अलावा, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों का एक स्थिर दायरे में आ जाना भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा बूस्टर साबित हो रहा है।

