CG News: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण जनहित में उठाया गया कदम, शिक्षकों सभी 24 याचिकाएं खारिज
CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शालाओं के युक्तियुक्तकरण की नीति को पूरी तरह सही ठहराते हुए उस पर अपनी मुहर लगा दी है। हाई कोर्ट के जस्टिस विभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने इस नीति को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ सहित प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा दायर सभी 24 से अधिक याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।
CG News: ट्रांसफर सरकार का प्रशासनिक अधिकार
हाई कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों का तर्कहीन या असमान वितरण बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करता है। इसे सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम बड़े जनहित में है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि स्थानांतरण और पदस्थापना पूरी तरह से सरकार के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है। किसी भी सरकारी कर्मचारी को एक ही जगह या पसंदीदा स्थान पर जमे रहने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है।
CG News: क्या है युक्तियुक्तकरण नीति
1-राज्य सरकार ने 2 अगस्त 2024 को स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके क्रियान्वयन के आदेश अप्रैल 2025 में जारी हुए।
2-इस नीति का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों में शिक्षक भेजना है जो या तो ‘शिक्षक विहीन’ हैं या जहाँ सिर्फ ‘एक शिक्षक’ के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है।
3-इसके लिए उन स्कूलों से ‘सरप्लस’ (अतिशेष यानी जरूरत से ज्यादा) शिक्षकों को ट्रांसफर किया जा रहा है जहाँ छात्रों के अनुपात में शिक्षक अधिक हैं।
CG News: इन जिलों के शिक्षकों ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
सरकार के इस फैसले के बाद बड़े पैमाने पर होने वाले फेरबदल से नाराज होकर दुर्ग, कोंडागांव, कांकेर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, कोरबा, बिलासपुर और महासमुंद सहित प्रदेश के कई जिलों के शिक्षकों और शिक्षक संघों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं।
CG News: शिक्षकों का तर्क था कि इस नीति से उनके सेवा नियमों पर असर पड़ रहा है, लेकिन हाई कोर्ट ने छात्रों के भविष्य और जनहित को सर्वोपरि मानते हुए इन सभी आपत्तियों को अमान्य कर दिया है। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के लिए प्रदेश के सुदूर और शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने का रास्ता साफ हो गया है।

