इयरफोन लगाकर बात करती रही नर्स, मरीज को लगाया बेहोशी का इंजेक्शन, लापरवाही से गई जान
सागर। मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात नर्स की लापरवाही से एक मरीज की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि इयरफोन लगाकर मोबाइल पर बात करते हुए नर्स ने मरीज को गलत समय पर हाई रिस्क बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया।
नर्स पर गंभीर आरोप
मृतक देवेंद्र पाठक ईएनटी विभाग में भर्ती थे। उनके परिजनों का आरोप है कि नर्स शिखा पटले इंजेक्शन लगाते समय ब्लूटूथ इयरफोन लगाए हुए थी और फोन पर बात कर रही थी। परिवार ने उसे रोका भी, लेकिन वह नहीं मानी।
क्या हुआ था पूरा मामला
12 जून को गले में गांठ की जांच के लिए देवेंद्र पाठक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बायोप्सी से पहले बेहोशी के लिए एट्राक्यूरियम बेसीलेट इंजेक्शन मंगवाया था। परिजनों के अनुसार, इस दवा को बिना डॉक्टर की देखरेख और डबल चेकिंग के वार्ड में ही लगा दिया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।
11 दिन जिंदगी-मौत से जूझे देवेंद्र
मरीज करीब 11 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। अंत में 23 जून को उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने नर्स शिखा पटले को निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
पुलिस ने मृतक की पत्नी रीता पाठक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और हाई रिस्क दवाओं के इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

