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CG News: बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरा खनन की तैयारी तेज, सीएमडीसी बोर्ड की बैठक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी

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CG News: बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरा खनन की तैयारी तेज, सीएमडीसी बोर्ड की बैठक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी
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CG News: बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरा खनन की तैयारी तेज, सीएमडीसी बोर्ड की बैठक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी

CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल ने महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास (लार्ज डायमीटर) की ड्रिलिंग शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया से हीरा भंडार का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा, जिससे भविष्य में व्यावसायिक खनन का रास्ता साफ होगा।

CG News: समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे तकनीकी कार्य

नई दिल्ली में आयोजित बोर्ड बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। निदेशक मंडल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। ड्रिलिंग के बाद विस्तृत व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक खदान विकसित करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

CG News: पांच प्राकृतिक हीरों से हुई डायमंड ब्लॉक की वैज्ञानिक पुष्टि

एनसीएल, एनएमडीसी लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एनएमडीसी की 51 प्रतिशत और सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी ने स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के जरिए किम्बरलाइट पाइप की पहचान की थी। इसके बाद करीब 200 टन बल्क सैंपल की जांच में कुल 1.22 कैरेट के पांच प्राकृतिक हीरे मिले, जिससे क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हुई।

CG News: बैलाडीला परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में बैलाडीला डिपॉजिट-4 से चालू वित्तीय वर्ष में 10 लाख टन लौह अयस्क उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना है। वहीं, बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

सीएमडीसी बोर्ड के फैसले की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि बलौदा-बेलमुंडी हीरा परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।


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