कोरबा के बाद कांकेर में 500 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत, महामारी के डर से दहशत,पेड़ों के नीचे जाने से बच रहे हैं लोग
Heatwave-Bats-Death: रायपुर/कोरबा/कांकेर। छत्तीसगढ़ में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचने के साथ भीषण गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ जीव-जंतुओं पर भी दिखाई देने लगा है। कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में करीब 200 चमगादड़ों की मौत के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में भी तीन दिनों के भीतर 500 से अधिक चमगादड़ों के मरने की खबर सामने आई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
Heatwave-Bats-Death: कोरबा जिले के नगर पंचायत पाली क्षेत्र स्थित नौकोनिया तालाब के समीप प्रवासी चमगादड़ों की मौत के मामले में वन विभाग और पशुधन विकास विभाग ने संयुक्त बयान जारी कर मौत की वजह भीषण गर्मी और लू को बताया है। प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में फैल रही महामारी या संक्रामक बीमारी की अफवाहों का खंडन किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की महामारी फैलने जैसी स्थिति नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।
Heatwave-Bats-Death: वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में भीषण गर्मी का असर वन्य जीवों पर साफ नजर आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पेड़ों पर लटके चमगादड़ अचानक नीचे गिर रहे हैं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो जा रही है। बीते तीन दिनों में 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत होने की बात सामने आई है।
Heatwave-Bats-Death: पशुधन विकास विभाग के अनुसार अत्यधिक तापमान और हीट स्ट्रोक के कारण चमगादड़ प्रभावित हो रहे हैं। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज लू ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। घटना के बाद गांव में डर और दहशत का माहौल है। लोग एहतियात के तौर पर पेड़ों के नीचे जाने से भी बच रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
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