Chardham Yaatra
Chardham Yaatra : देहरादून। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने वाली है, लेकिन उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी ने यात्रियों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जोशीमठ, बदरीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी, स्वर्गारोहिणी, कुवांरी पास और औली में पिछले 15 दिनों से बारिश-बर्फबारी जारी है। यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। ऐसे में यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता और तैयारी के साथ आना होगा।
Chardham Yaatra : बर्फबारी से प्रभावित यात्रा मार्ग
केदारनाथ रूट पर लोक निर्माण विभाग की टीम पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में जुटी हुई है, लेकिन लगातार हिमपात होने से हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। आगे स्थिति सुधरेगी या बर्फबारी जारी रहेगी, इस पर मौसम विभाग अभी कोई स्पष्ट अनुमान नहीं दे पाया है। साल 2012 की तरह इस बार भी अप्रैल के पहले पखवाड़े में बर्फबारी जारी है, जिससे यात्रा मार्गों पर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Chardham Yaatra : धामों के कपाट खुलने की तारीखें
- 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
- 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
- 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम
- 23 मई: हेमकुंड साहिब
Chardham Yaatra : पंजीकरण और हेली टिकट की सलाह
यात्रा से पहले अधिकृत वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण जरूर कराएं। हेलीकॉप्टर से दर्शन के लिए heliyatra.irctc.co.in से ही टिकट बुक करें। अनधिकृत लोगों से बचें जो दर्शन कराने या हेली टिकट देने का दावा करते हैं। यात्रा संबंधी जानकारी के लिए पर्यटन विकास परिषद के नंबरों पर संपर्क करें: 0135-2559898, 0135-2552627 या टोल-फ्री नंबर 0135-3520100।
Chardham Yaatra : अब तक 12.71 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
सभी धामों में अब तक 12,71,088 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करा लिया है। यमुनोत्री में 2,25,238, गंगोत्री में 2,31,315, केदारनाथ में 4,29,675 और बदरीनाथ में 3,75,352 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन किया है। हेमकुंड साहिब के लिए 9,508 श्रद्धालु दर्शन करा चुके हैं।
Chardham Yaatra : यात्रा से पहले ये तैयारियां जरूर करें
- यात्रा से पहले चारधाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराएं।
- पर्याप्त ऊनी कपड़े, छाता और रेनकोट साथ रखें।
- पंजीकरण के दौरान सटीक स्वास्थ्य जानकारी दें।
- वरिष्ठ नागरिक यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
- अगर कोई दवाई नियमित चल रही है तो पर्याप्त स्टॉक साथ रखें।
- यात्रा मार्ग पर पड़ावों पर विश्राम करते हुए आगे बढ़ें।
- यदि खुद को अस्वस्थ महसूस करें तो यात्रा से परहेज करें।
- पहाड़ी सड़कों पर वाहन की रफ्तार नियंत्रित रखें और पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें।
Chardham Yaatra : चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति बदलती रहती है, इसलिए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और मौसम विभाग की अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है। सही तैयारी के साथ यात्रा करने से मुश्किलें कम हो सकती हैं।
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