CG News : जगदलपुर। नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक अहम और रणनीतिक पहल की है। अब सरेंडर कर चुके नक्सली ही पुलिस जवानों को ट्रेनिंग देंगे। इन पूर्व माओवादी कैडरों को कांकेर स्थित काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वॉरफेयर कॉलेज भेजा गया है, जहां वे जवानों को IED से निपटने और गुरिल्ला युद्ध की बारीकियां सिखाएंगे।
CG News : जानकारी के मुताबिक, ट्रेनिंग के लिए भेजे गए अधिकांश सरेंडर नक्सली पहले प्रतिबंधित माओवादी संगठन में IED विशेषज्ञ और फील्ड ऑपरेटिव के रूप में काम कर चुके हैं। जंगल में विस्फोटक लगाने, छिपाने और उससे बचाव के तरीकों का उनका अनुभव अब पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
CG News : कांकेर स्थित CTJW कॉलेज में नए सब-इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी बैच को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सरेंडर कैडरों की मदद से जवानों को माओवादियों की रणनीति को समझने में आसानी होगी, जिससे ऑपरेशन और भी प्रभावी बनेंगे।
CG News : सूत्रों के अनुसार, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कांकेर जैसे जिलों से एक दर्जन से ज्यादा सरेंडर कैडर इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किए गए हैं। इनकी मदद से हाल ही में कई इलाकों में लगाए गए IED को पहचानने और निष्क्रिय करने में भी सफलता मिली है।
CG News : इसके साथ ही, पुनर्वास केंद्रों में सरेंडर नक्सलियों को योग, काउंसलिंग और स्किल डेवलपमेंट के जरिए मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न सिर्फ पुलिस की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास को भी नई दिशा देगी।
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