झाबुआ। Jhabua Chlorine Gas Leakage: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में पद्मावती नदी के किनारे स्थित इस प्लांट से अचानक जहरीली क्लोरीन गैस का रिसाव होने से 50 लोग बीमार हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: रिसाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में जहरीली गैस का असर प्लांट के आसपास के करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैल गया। जो कर्मचारी वहां काम कर रहे थे और जो लोग पास के घरों में रह रहे थे, उन्हें अचानक हवा में एक बहुत ही तीखी और कड़वी गंध महसूस हुई।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: देखते ही देखते 7 कर्मचारियों सहित करीब 50 लोग इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के लिए वह मंजर बेहद खौफनाक था, क्योंकि अचानक ही लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और आंखों में ऐसी जलन हुई जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल था।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: घरों से बाहर निकलने पर मजबूर हुए लोग
जैसे ही गैस का असर बढ़ा, थांदला के उस इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग घबराहट के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए, क्योंकि बंद कमरों में भी गैस का दमघोंटू अहसास होने लगा था।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: कई लोगों ने घबराहट और गले में जलन की शिकायत की। प्रशासन को जैसे ही इसकी भनक लगी, एसडीएम भास्कर गचले, टीआई अशोक कनेश और नगर परिषद की टीमें भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गईं। आनन-फानन में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में 20-25 लोगों को भर्ती किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई। कुछ मरीजों की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा। फिलहाल, लगभग 50 मरीजों का इलाज चल रहा है और सभी की हालत अभी स्थिर है।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम, टला बड़ा खतरा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं लिया। मेघनगर की औद्योगिक इकाइयों से तकनीकी सहायता ली गई और विशेष रूप से इंदौर से विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई गई। इन विशेषज्ञों ने रात करीब 9 बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद लीकेज पर पूरी तरह काबू पाया और प्लांट के और भी टैंकों की सुरक्षा की जांच की।
Jhabua Chlorine Gas Leakage: घर-घर जाकर सर्वे
जिला कलेक्टर ने बेहतर इलाज के सख्त निर्देश दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की सक्रियता पर राहत तो जताई है, लेकिन उनके मन में अब भी डर है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं ताकि उन लोगों की पहचान हो सके जिनमें मामूली लक्षण हैं और वे बिना जांच के न रह जाएं। सुरक्षा के लिहाज से प्लांट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
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