West Bengal Assembly Elections: नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें राज्य की कई सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में करीब 140 उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही पहली सूची जारी की जा सकती है। सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगाल दौरे से पहले ये सूची जारी हो सकती है।
West Bengal Assembly Elections:यह बैठक प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित की गई। आमतौर पर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक पार्टी मुख्यालय में होती है, लेकिन इस बार बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी।
West Bengal Assembly Elections:294 विधानसभा सीटों पर होना है चुनाव, पहली सूची में कई बड़े नाम
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। भाजपा लगभग आधी सीटों पर उम्मीदवार तय करने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। पार्टी की कोशिश है कि पहली सूची जारी करने में बढ़त हासिल की जाए। बताया जा रहा है कि कई पूर्व सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी है। संभावित उम्मीदवारों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नाम चर्चा में हैं।
West Bengal Assembly Elections:पार्टी की रणनीति में बदलाव
हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार पार्टी की रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार मौजूदा सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने की योजना नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटों पर जीत दर्ज कर मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था। हालांकि बाद में कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के कारण वर्तमान में भाजपा के पास विधानसभा में 65 विधायक ही रह गए हैं।
West Bengal Assembly Elections:सिलेब्रिटी और दलबदलुओं को टिकट देने से परहेज
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अधिकांश मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया जा सकता है। वहीं इस बार पार्टी ने सिलेब्रिटी चेहरों और दूसरी पार्टियों से आए दलबदलुओं को टिकट देने से परहेज करने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि दलबदलुओं के दोबारा पाला बदलने की संभावना रहती है, जबकि सिलेब्रिटी उम्मीदवार अक्सर कुछ समय बाद राजनीतिक सक्रियता कम कर देते हैं।
West Bengal Assembly Elections: 2021 की रणनीति से सबक
दरअसल, 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने टीएमसी छोड़कर आए कई नेताओं और फिल्मी कलाकारों को टिकट दिया था, जिनमें से कई बाद में पार्टी छोड़कर दूसरी ओर चले गए। इसी अनुभव से सबक लेते हुए इस बार पार्टी पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।
West Bengal Assembly Elections: जीत की संभावना वाले उम्मीदवार
उम्मीदवारों के चयन में जीत की संभावना के साथ-साथ संगठनात्मक क्षमता, जातीय समीकरण और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा ने राज्य में चुनाव प्रचार भी तेज कर दिया है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक रैली में वादा किया था कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी।
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