Share Market: मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। सोमवार को प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 42 पैसे गिरकर 91.50 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
Share Market: कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला Bombay Stock Exchange का सेंसेक्स 2,743 अंक से अधिक टूटकर 78,543 के स्तर तक आ गया। हालांकि बाद में कुछ सुधार हुआ, फिर भी यह 1,048 अंक की गिरावट के साथ 80,238 पर बंद हुआ। इसी तरह 50 शेयरों वाला National Stock Exchange of India का निफ्टी शुरुआती सत्र में 575 अंक लुढ़ककर 24,603 तक पहुंच गया और अंत में 312 अंक गिरकर 24,865 पर बंद हुआ।
Share Market: सेंसेक्स में इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, अदानी पोर्ट्स, मारुति और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में प्रमुख गिरावट रही, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा और आईटीसी में बढ़त देखी गई। विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजार स्थिरता की तलाश में है। उन्होंने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य से जुड़ी आशंकाएं कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश पर महंगाई और चालू खाता घाटे का दबाव बढ़ेगा।
Share Market: एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई सूचकांक बढ़त में रहा। यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी देखी गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 8 प्रतिशत से अधिक उछलकर 78.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती अनिश्चितता ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
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