Share Market
Share Market: मुंबई: भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बाजारों की कमजोरी और विदेशी फंडों की लगातार निकासी से निवेशकों में घबराहट फैल गई। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। रुपये की कमजोरी और वित्तीय, बैंकिंग व उपभोग क्षेत्रों में बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला। बीएसई सेंसेक्स 270.84 अंक (0.33%) गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ, जबकि दिन में यह 1,056 अंक टूटकर 81,124.45 तक पहुंचा। एनएसई निफ्टी 75 अंक (0.30%) गिरकर 25,157.50 पर समाप्त हुआ।
Share Market: रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 76 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 91.73 पर बंद हुआ, जो वैश्विक सतर्कता और डॉलर की मजबूत मांग से प्रभावित रहा। सेंसेक्स कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एसबीआई और मारुति सबसे ज्यादा गिरे। वहीं, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंटरग्लोब एविएशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लाभ कमाया।
Share Market: जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक जोखिमों से अस्थिरता बढ़ी, लेकिन अंतिम खरीदारी से बाजार संभला। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने एशियाई मिश्रित संकेतों, विदेशी गिरावट और रुपये की कमजोरी को निवेशकों की सतर्कता का कारण बताया।
Share Market: एशिया में निक्केई गिरा, जबकि कोस्पी, एसएसई और हैंग सेंग बढ़े। यूरोप में गिरावट, अमेरिका में नैस्डैक 2.39%, एसएंडपी 2.06% और डाउ 1.76% टूटे। ब्रेंट क्रूड 1% गिरकर 64.27 डॉलर/बैरल पर पहुंचा। एफआईआई ने 2,938 करोड़ के शेयर बेचे, डीआईआई ने 3,666 करोड़ खरीदे। मंगलवार को सेंसेक्स 1,066 अंक गिरकर 82,180.47 और निफ्टी 353 अंक गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ।
