Shinzo Abe Murder Case
Shinzo Abe Murder Case: टोक्यो: जापान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी टेट्सुया यामागामी को आजीवन कारावास की सजा दी है। नारा जिला अदालत ने बुधवार को इस सनसनीखेज मामले में अपना निर्णय सुनाया। 45 वर्षीय यामागामी ने अक्टूबर में शुरू हुए मुकदमे के दौरान खुद को हत्या का दोषी मान लिया था। अभियोजन पक्ष ने उम्रकैद की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और मानसिक स्थिति का हवाला देकर अधिकतम 20 साल की सजा की अपील की थी।
Shinzo Abe Murder Case: शिंजो आबे, जापान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक, प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद भी राजनीति में सक्रिय थे। 8 जुलाई 2022 को पश्चिमी शहर नारा में एक ट्रेन स्टेशन के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान भाषण देते समय उन पर पीछे से दो गोलियां चलाई गईं। सख्त बंदूक नियंत्रण वाले जापान में यह घटना पूरे देश को हिलाकर रख देने वाली थी। आबे की मौके पर ही मौत हो गई और यामागामी को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया।
Shinzo Abe Murder Case: आरोपी ने घटना को क्यों दिया अंजाम
यामागामी ने अदालत में खुलासा किया कि उसका मुख्य निशाना यूनिफिकेशन चर्च था, जिससे वह गहरी नफरत करता था। उसने कहा कि उसकी मां ने चर्च को भारी दान दिया, जिससे परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया। आबे का चर्च से जुड़े एक संगठन को वीडियो संदेश भेजना यामागामी को और भड़का गया। उसने पहले चर्च प्रमुख को मारने की योजना बनाई थी, लेकिन पहुंच मुश्किल होने पर आबे को चुना। उसका मकसद चर्च को नुकसान पहुंचाना और उसके राजनीतिक संबंधों को उजागर करना था।
Shinzo Abe Murder Case: कौन है हत्यारा यामागामी !
1979 में जन्मे यामागामी नारा प्रांत के निवासी हैं। उन्होंने जापान की मरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स में सेवा की, लेकिन बाद में स्थायी रोजगार नहीं मिला और वे अकेले रहते थे। जांच में पता चला कि उन्होंने घरेलू स्तर पर हथियार बनाए, जिसका इस्तेमाल हत्या में किया।

Shinzo Abe Murder Case: इस हत्याकांड ने सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) और दक्षिण कोरियाई मूल के यूनिफिकेशन चर्च के दशकों पुराने घनिष्ठ संबंधों को उजागर किया। राजनीतिक दबाव के चलते LDP ने चर्च से दूरी बना ली। जांच के बाद चर्च की जापानी शाखा का कर-मुक्त दर्जा छीन लिया गया और उसे भंग करने का आदेश दिया गया।
Shinzo Abe Murder Case: जापानी कानून में हत्या के लिए मृत्युदंड का प्रावधान है, लेकिन यह आमतौर पर बहु-हत्या मामलों में लागू होता है। यहां उम्रकैद दी गई। दिलचस्प है कि यामागामी के प्रति सहानुभूति रखने वालों की कमी नहीं; हजारों ने सजा में नरमी की मांग वाली याचिकाओं पर हस्ताक्षर किए और कई ने उसके परिवार व हिरासत केंद्र में देखभाल पैकेट भेजे।
