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MP: उज्जैन। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों के पंजीयन एवं पूर्व लाइसेंसों के नवीनीकरण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा नर्सिंग होम संचालकों से संपर्क कर अवैध वसूली की कोशिश किए जाने के मामले सामने आए हैं।
MP: इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अशोक पटेल ने नर्सिंग होम एवं क्लीनिक संचालकों को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंजीयन अथवा नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति, एजेंट या निजी संस्था को अधिकृत नहीं किया गया है।
MP: पंजीयन एवं लाइसेंस नवीनीकरण की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह शासकीय है। यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग के नाम पर पंजीयन कराने या नवीनीकरण के बदले पैसों की मांग करता है, तो वह पूरी तरह अवैध है। CMHO ने सभी चिकित्सा संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि किसी प्रकार की अवैध वसूली या दबाव बनाने की कोशिश की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

