MP News : पिपरिया। पिपरिया क्षेत्र में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों से एफएक्यू (FAQ) मानक का धान पास कराने के बदले सर्वेयरों द्वारा खुलेआम पैसे वसूले जाने का आरोप सामने आया है। ताजा मामला माछा स्थित शिव शक्ति वेयरहाउस का है, जिसे धान उपार्जन केंद्र बनाया गया है। यहां किसान अपनी मेहनत की उपज लेकर पहुंचे, लेकिन सर्वेयरों की कथित मनमानी के चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
MP News : किसानों का आरोप है कि वे धान को पूरी तरह एफएक्यू मानकों के अनुरूप तैयार कर पंखा लगाकर और ग्रेडिंग कर खरीदी केंद्र लाते हैं, इसके बावजूद सर्वेयर उसे नॉन-एफएक्यू बताकर पास नहीं करते और बदले में रुपये की मांग करते हैं। परेशान होकर सेमरी किशोर क्षेत्र के एक किसान ने अपनी उपज बेचने के दौरान वीडियो बना लिया, जिसमें सर्वेयर के सामने किसान गिड़गिड़ाता नजर आ रहा है।
MP News : वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सर्वेयर शिव पटेल किसान से पैसे लेकर उसका माल पास कर रहा है। वीडियो में सर्वेयर यह कहते हुए भी सुनाई दे रहा है कि “पैसा ऊपर तक जाता है, सभी को देना पड़ता है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद सर्वेयर की नियुक्ति करने वाली कंपनी आरबीआई ने संज्ञान लेते हुए रविवार को शिव पटेल को हटा दिया और उसकी जगह नया सर्वेयर नियुक्त कर दिया।
MP News : सूत्रों के मुताबिक माछा धान खरीदी केंद्र में अब तक करीब 120 किसानों से 15,636 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। आरोप है कि सर्वेयरों द्वारा प्रति क्विंटल 40 रुपये की दर से किसानों से वसूली की गई। इस पूरे मामले ने शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
MP News : अब बड़ा सवाल यह है कि किसानों के खून-पसीने की कमाई पर कथित रूप से डाका डालने वाले ऐसे सर्वेयरों पर कब सख्त कार्रवाई होगी और इस कथित बंदरबाट में और कौन-कौन शामिल है। किसान संगठनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

