BIG SCAM : रायपुर : रायपुर आबकारी विभाग में इन दिनों भ्रष्टाचारी अधिकारियों का बोलबाला चरम पर है. आबकारी अधिकारी विक्रम ठाकुर और उड़नदस्ता अधिकारी नीलम किरण के कारनामों ने प्लेसमेंट कर्मचारियों का जीना हराम कर दिया है. ताजा मामला पचपेड़ी नाका स्थित प्रीमियम शराब दुकान से सामने आया है, जहां इन आबकारी अधिकारियों ने पहले तो कर्मचारियों पर जबरिया दबाव बनाकर उनसे गलत काम करवाया और फिर बाद में उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाकर ब्लैक लिस्टेड कर दिया। हैरत की बात ये है कि प्रीमियम शराब दुकान में जिस कर्मचारी सागर सिंह पर सबसे ज्यादा संगीन आरोप लगे उसे ही अधिकारियों सरंक्षण में क्लीनचिट दे दी गई, जबकि बाकी 4 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
BIG SCAM : पचपेड़ी नाका स्थित प्रीमियम शराब दुकान के कर्मचारियों ने विक्रम ठाकुर और नीलम किरण पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि विक्रम सिंह ठाकुर द्वारा 18 अक्टूबर को 10 हजार रुपए कैश, 4 बॉटल सिल्वर नाईट और 5 बीयर भी लिया गया, जिसका न तो उन्होंने कोई भुगतान किया और न ही कहीं पूर्ति की बात की गई,,,,,,और तो और कैश पैसे लेने के बावजूद कुछ दिनों बाद उन्हीं कर्मचारियों को अपना शिकार बना लिया। यही नहीं दुकान में मिली घटती का पूरा पैसा जेब से भरने के बाद भी कर्मचारियों को बिना कारण द्वेषपूर्ण तरीके से ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया. कुछ ऐसा ही प्रकरण लाभांडी शराब दुकान से भी सामने आया था, जहां 12 लाख की घटती के बावजूद पैसे का लेनदेन करके कर्मचारियों को क्लीनचिट दे दिया गया था.
BIG SCAM : वहीं बात करें पचपेड़ी नाका शराब दुकान में पदस्थ कर्मचारी सागर सिंह की तो उस पर कई संगीन आरोप और तत्कालीन अधिकारी के द्वारा दुकान से निकाले जाने के बाद भी पूरा दारोमदार सौंपकर खुलेआम भ्रष्टाचार करने की इजाजत दे दी गई, ताकि अधिकारियों को उनका कमीशन आसानी से मिलता रहे. सागर सिंह पर अपने दोस्त विक्की सिंह को गल्ले से निकालकर 50 हजार रुपये तक देने का आरोप है,, फिर भी उसे विक्रम सिंह के संरक्षण में बचाया जा रहा है.
BIG SCAM : यही नहीं उड़नदस्ता अधिकारी नीलम किरण के दबाव में कर्मचारियों से 5 हजार से लेकर 50 हजार तक अवैध उगाही की गई है. ऐसा न करने पर कर्मचारियों को जेल तक भेजने की धमकी दी जाती रही है. नीलम किरण के दबाव में किशोर यादव को भी हर महीने 4 हजार का कमीशन पहुंचाया जाता था. इन सबके बावजूद सिर्फ 4 कर्मचारियों को टारगेट कर अनुचित कार्रवाई कर दी गई, जबकि दूकान में किसी प्रकार की कोई घटती तक शेष नहीं रह गई.
BIG SCAM : पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि प्रीमियम शॉप में पाई गई पूरी घटती की पाई-पाई चुकाने के बाद भी उनकी सैलरी रोक दी गई, जिससे उनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. सैलरी न मिलने पर पीड़ितों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यही नहीं कर्मचारियों का दावा है कि हर महीने प्लेसमेंट कंपनी BIS के द्वारा 4 से 5 स्कॉच की बोतल फ्री में लिया जाता रहा है, जिसका भुगतान भी कर्मचारियों ने अपनी जेब से किया है. पीड़ित कर्मचारियों ने आबकारी आयुक्त आर संगीता और रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.

