MP News: डेथ सर्टिफिकेट के लिए सालभर पहले मर चुके पिता का दोबारा किया 'अंतिम संस्कार', जानें पूरा मामला...
MP News: उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेटे ने डेथ सर्टिफिकेट के लिए बिना लाश पिता के दाह संस्कार का नाटक किया। वह अंतिम संस्कार की सामग्री लेकर घाट पहुंचा और रसीद भी ले ली। उसके पिता की एक साल पहले मौत हो चुकी थी। जब ट्रस्ट के लोगों को शंका हुई तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के सामने उसने ऐसा करने की वजह का खुलासा किया है।
MP News: जानकारी के मुताबिक, लालचंद की मौत करीब एक साल पहले हो चुकी थी। परिवार के लोगों से अंतिम संस्कार की रसीद गुम हो गई थी, जिसकी वजह से मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था और प्रॉपर्टी संबंधी कागजात अटक गए थे। इसी परेशानी से बचने के लिए तीन लोगों ने फर्जी अंतिम संस्कार का षड्यंत्र रचा।
MP News: चक्रतीर्थ शमशान घाट ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को उस वक्त शक हुआ जब केवल तीन-चार लोग ही अंतिम संस्कार सामग्री लेने पहुंचे, जबकि सामान्यत: किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में 8-10 लोग शामिल होते हैं। शंका गहराने पर ट्रस्ट के लोगों ने सख्ती से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि लालचंद का असली अंतिम संस्कार एक साल पहले ही हो चुका था और अब सिर्फ रसीद पाने के लिए यह नाटक रचा गया था।
MP News: शमशान कार्यालय के तरुण कुमार खत्री ने बताया कि युवकों ने लकड़ी-कंडे और अन्य सामग्री बुक कराई और कहा कि लाश अभी आ रही है। लेकिन शव देर तक नहीं पहुंचा। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि असल में उनके पिता की मौत एक साल पहले हो चुकी है और अब जमीन के दस्तावेज के लिए जरूरी रसीद दोबारा पाने के लिए उन्होंने यह योजना बनाई थी।
MP News: सूचना मिलते ही चक्रतीर्थ ट्रस्ट ने तीनों लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जीवाजीगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि पकड़े गए लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। वे खुद को लालचंद का बेटा बता रहे हैं, लेकिन उनके दावों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
