World Peace Center: शांति शिक्षा लेने भारत आएंगे स्टैनफोर्ड के छात्र, प्रोफेसर डॉ. अनुराग ने की घोषणा,स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और विश्व शांति केंद्र के बीच MoU
World Peace Center: नई दिल्ली/गुरुग्राम। अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने गुरुग्राम स्थित विश्व शांति केंद्र (World Peace Center) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र शांति शिक्षा (Peace Education) के विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अनुराग ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह सहयोग वैश्विक शांति, सांस्कृतिक संवाद और संघर्ष समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

World Peace Center: इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. अनुराग ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर सतत शांति, करुणा और सह-अस्तित्व जैसे पाठों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सहयोग न केवल छात्रों को शांति शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें नेतृत्व और चरित्र निर्माण में भी मदद करेगा।
World Peace Center: विश्व शांति के लिए मील का पत्थर साबित होगा समझौता: आचार्य डॉ. लोकेश मुनी
विश्व शांति केंद्र के संस्थापक और प्रसिद्ध जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनी जी ने इस समझौते को विश्व शांति के लिए “मील का पत्थर” करार दिया। उन्होंने कहा, यह समझौता पूर्व और पश्चिम के बीच एक सेतु का काम करेगा, जहां भारत की प्राचीन शांति दर्शन और आधुनिक शैक्षणिक ढांचे का संगम होगा। आचार्य लोकेश ने जोर देकर कहा कि यह सहयोग वैश्विक शांति प्रयासों को मजबूत करेगा और छात्रों को शांति के दूत के रूप में तैयार करेगा।

World Peace Center: बता दें, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शांति शिक्षा को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करना और संघर्ष समाधान के लिए संयुक्त पहल विकसित करना है। विश्व शांति केंद्र स्टैनफोर्ड के छात्रों को शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम के तहत छात्र भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, ध्यान प्रथाओं और अंतरधार्मिक संवादों में हिस्सा लेंगे, ताकि वे अपने देशों में शांति के दूत बन सकें।

Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


