MP News
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में सर्पदंश से होने वाली मौतों पर गहरी चिंता जताई है। वन विकास निगम की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपंचमी नजदीक है, और यह हमारे प्रदेश के लिए एक धार्मिक अवसर होने के साथ-साथ एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती भी बन चुका है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा लोग सांप के काटने से जान गंवाते हैं, और इसे रोकने के लिए व्यवस्थित रणनीति बनाना और सभी संभावित रोकथाम के उपाय अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि, “वन्य जीव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मानव जीवन की सुरक्षा भी सर्वोपरि है।”
महाराष्ट्र में भी मध्यप्रदेश के वन विभाग का परचम
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र से भी वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की वन संपदा देश में सबसे अधिक है और वन विकास निगम ने इतने उत्कृष्ट कार्य किए हैं कि अब उसे महाराष्ट्र में भी कार्य मिल रहा है। उन्होंने वन निगम को अब नई संभावनाओं की तलाश करने और वृहद स्तर पर विस्तार की दिशा में कदम उठाने को कहा।
हम वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए Rescue Center और Zoo बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं।
राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में आज स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ कर Vision 2047 पुस्तक का विमोचन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने… pic.twitter.com/2p0cdTOc4h
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 24, 2025
सागौन का फर्नीचर दिखेगा तो दुनिया पागल हो जाएगी
सीएम मोहन यादव ने एक दिलचस्प अनुभव साझा करते हुए बताया कि राजस्थान दौरे के दौरान उन्हें बताया गया कि जोधपुर में आम और बबूल की लकड़ी से बना फर्नीचर विदेशों में एक्सपोर्ट हो रहा है, जबकि हमारे यहां यही लकड़ी जलाने के काम आती है। उन्होंने कहा कि अगर मध्यप्रदेश के सागौन की लकड़ी से फर्नीचर बने, तो उसकी गुणवत्ता और आकर्षण से दुनिया मोहित हो जाएगी। इस दिशा में राज्य को तेजी से काम करना चाहिए।
LIVE: भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल में राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्घाटन एवं राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ https://t.co/3s71Vo5HbD
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 24, 2025
मध्यप्रदेश में बढ़ेंगे रेस्क्यू सेंटर और जू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेस्क्यू सेंटर और चिड़ियाघरों (जू) की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी भोपाल एकमात्र ऐसी जगह है जहां 10-15 किलोमीटर की परिधि में इंसान और बाघ दोनों रहते हैं दिन में इंसान और रात में टाइगर।
उन्होंने गुजरात के जामनगर स्थित “वनतारा” का उदाहरण देते हुए अधिकारियों को वहां भेजने की बात कही, ताकि वहां से सीख लेकर मध्य प्रदेश में भी वन्यजीव संरक्षण के नए मॉडल विकसित किए जा सकें। सीएम ने कहा कि वन विकास निगम को इस दिशा में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
