CG News: ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़: CM साय...
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है।
‘फॉरेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित आयोजन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फॉरेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो दर्शाता है कि वन केवल ऑक्सीजन का स्रोत नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का केंद्र भी हैं। इस अवसर पर उन्होंने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया और पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च किया।

पर्यावरण संरक्षण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता देशभर के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा, नवा रायपुर में ‘पीपल फॉर पीपल’ कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे।

छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर: डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। उन्होंने कहा, “जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है।”
जनजातीय समुदायों का जीवन वनों पर आधारित: केदार कश्यप
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। आज जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

