Uttarakhand
Uttarakhand: देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने चारधाम और इससे जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की कि आगामी बोर्ड बैठक में इस संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव के तहत कुल 48 मंदिरों, कुंडों और धार्मिक स्थलों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा।
Uttarakhand: मुख्य रूप से बदरीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर, त्रियुगीनारायण, जोशीमठ का नरसिंह मंदिर, गुप्तकाशी का विश्वनाथ मंदिर, तप्त कुंड, ब्रह्मकपाल, शंकराचार्य समाधि, योग बदरी, ध्यान बदरी, ओंकारेश्वर मंदिर सहित कई पवित्र स्थल इस सूची में शामिल हैं। द्विवेदी ने कहा, “ये धाम कोई पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। परंपरागत रूप से यहां गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है। देवभूमि की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत की रक्षा सर्वोपरि है।”
Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समिति के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि तीर्थ स्थलों का संचालन करने वाली संस्थाएं जो भी मत बनाएंगी, सरकार उसके अनुरूप कार्रवाई करेगी। संत समाज ने प्रस्ताव का स्वागत किया है, जबकि कुछ पक्ष इसे संवैधानिक समानता के अधिकार से जोड़कर सवाल उठा सकते हैं।
