Republic Day 2026 : नई दिल्ली। देश 77वें गणतंत्र दिवस को ऐतिहासिक और भव्य रूप में मनाने की तैयारी कर रहा है। Republic Day 2026 के मौके पर कर्तव्य पथ पर भारत की सांस्कृतिक विविधता, परंपरा और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस साल की परेड में कुल 30 झांकियां और करीब 2,500 कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से देश की एकता और विविधता को जीवंत करेंगे। इस वर्ष की थीम भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी पर केंद्रित रहेगी।
Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस परेड में 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रस्तुत की जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक कलाओं के जरिए भारत की समृद्ध पहचान को दुनिया के सामने रखा जाएगा।
Republic Day 2026 : इस बार गणतंत्र दिवस समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और खास बनाने के लिए यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी भारत–यूरोप संबंधों को नई मजबूती देने का संकेत मानी जा रही है।
Republic Day 2026 : कई राज्य, जो पिछले वर्ष परेड में शामिल नहीं हो पाए थे, इस बार खास आकर्षण बनेंगे। असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल और महाराष्ट्र की झांकियां दर्शकों का ध्यान खींचेंगी। वहीं मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान और तमिलनाडु अपनी सांस्कृतिक पहचान के रंग बिखेरेंगे।
Republic Day 2026 : झांकियों में हस्तकला और परंपरा को विशेष मंच मिलेगा। असम की झांकी में आशिरकांडी गांव की मशहूर हस्तकला दिखाई जाएगी। गुजरात और छत्तीसगढ़ ‘वंदे मातरम्’ थीम को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करेंगे। महाराष्ट्र की झांकी में गणेशोत्सव को आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक के रूप में दर्शाया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल की झांकी स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल के ऐतिहासिक योगदान को सामने लाएगी।
