Ram Mandir Flag Ceremony
Ram Mandir Pran Pratishtha 2nd Anniversary: नई दिल्ली: साल 2024 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। दो सालों बाद अयोध्या आस्था का गढ़ बन चुकी है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और स्थानीय लोगों की जिंदगी काफी बदलाव हुआ है। यहां करोड़ो श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन करने आते है। जिससे अयोध्या मे रौनक बढ़ गई है।
Ram Mandir Pran Pratishtha 2nd Anniversary: इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की तस्वीर तेजी से बदलती दिखी। विकास कार्य भी तेजी से हो रहे है। यहां महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के बाद श्रद्धालु आसानी से अपने आराध्य रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे है। इसी तर्ज पर रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप से तैयार किया गया है, और डबल लाइन ट्रेनें भी चलने शुरू हो चुकी है। अब सड़कें भी फोरलेन हाईवे हो गई है। वहीँ अयोध्या देश का पहला सोलर सिटी बन गई है। करीब 85,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं जिससे विकास तेज हो रही है।
Ram Mandir Pran Pratishtha 2nd Anniversary: पर्यटन में अभूतपूर्व प्रगति
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से करोड़ पर्यटक आने लगे है। 2025 में ही 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या आए। रोजाना 2 से 4 लाख भक्त दर्शन करने पहुँच रहे है। भक्तो की संख्या ने वाराणसी, मथुरा और आगरा को भी पीछे छोड़ दिया है। जिससे वहां के छोटे बड़े व्यवसायियों होटल, गेस्ट हाउस, ट्रांसपोर्ट और दुकानों को लाभ हुआ है। 2028 तक अयोध्या का पर्यटन अर्थव्यवस्था 18,000 करोड़ रुपये तक पहुंचना अनुमानित है। प्रदेश भर की कुल पर्यटन आय में अयोध्या का हिस्सा 25% होने वाला है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला है।
Ram Mandir Pran Pratishtha 2nd Anniversary: स्थानीय लोगों की बदली जिंदगी
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थानीय लोगों को बड़ी रहत मिली है। रोजगार में बढोतरी हुई है। होटल, रेस्तरां, टैक्सी, गाइड, दुकानें और हस्तशिल्प में हजारों नौकरियां आई हैं। परिवारों की आय बढ़ने लगी है। हालांकि निर्माण कार्य चलने से कुछ असुविधाएं हैं, लेकिन कुल मिलाकर जीवन स्तर में सुधार हुआ है। कुल मिला कर इन दो सालों में अयोध्या न सिर्फ धार्मिक रूप से बल्कि विकास और समृद्धि का प्रतीक बन गई है।
