रायपुर : प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 66,000 से अधिक श्रमवीरों के खातों में 48.82 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत ट्रांसफर की गई। यह राशि उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से श्रमिकों के खाते में अंतरित की।
श्रमिकों के लिए तीसरी बार DBT योजना का लाभ
यह कार्यक्रम शंकर नगर स्थित मंत्री निवास में आयोजित किया गया। मंत्री लखन लाल देवांगन ने जानकारी दी कि यह तीसरी बार है जब DBT के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खाते में राशि ट्रांसफर की गई है।
पहले और दूसरे चरण की जानकारी:
- पहली बार: इस योजना की शुरुआत सितंबर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी।
- दूसरी बार: श्रमिकों को राशि कोरबा जिले में ट्रांसफर की गई थी।
- तीसरी बार: अब रायपुर में 48.82 करोड़ रुपये श्रमिकों के खातों में जमा किए गए।
कौन-कौन सी योजनाओं का हुआ लाभ?
इस बार DBT के माध्यम से राज्य के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।
- यह राशि श्रमिक कल्याण के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, और आर्थिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के लिए दी गई।
- इसका उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है।
श्रम मंत्री का बयान
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा,
"यह सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। DBT के माध्यम से राशि ट्रांसफर कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर श्रमिक को उनका अधिकार सीधे मिले। यह पारदर्शी व्यवस्था श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
श्रमिकों में खुशी का माहौल
राशि ट्रांसफर की खबर से श्रमिकों में खुशी का माहौल है। इस योजना के तहत सीधे खाते में राशि पहुंचने से न केवल उन्हें आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था खत्म हो गई है।
प्रदेश सरकार की पहल
राज्य सरकार की यह पहल श्रमिक कल्याण की दिशा में एक और मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने इस योजना को श्रमिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है।
इस योजना से न केवल श्रमिकों का जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि यह उनकी मेहनत को सम्मान देने का प्रतीक भी है।