रायपुर: छत्तीसगढ़ के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सीमेंट की कीमतों में अचानक हुई बेतहाशा वृद्धि पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर सीमेंट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। अग्रवाल ने इसे आम जनता और सरकारी योजनाओं पर भारी पड़ने वाला कदम बताया।
सीमेंट की कीमतों में अचानक वृद्धि
- 2024 तक सीमेंट की कीमत लगभग 260 रुपये प्रति बोरी थी।
- हाल ही में इसे एक ही दिन में 310 रुपये प्रति बोरी कर दिया गया।
- खुले बाजार में यह वृद्धि 40 रुपये प्रति बोरी तक की है।
सीमेंट उत्पादन और खपत
छत्तीसगढ़ में हर महीने करीब 30 लाख टन (6 करोड़ बोरी) सीमेंट का उत्पादन होता है। ऐसे में कीमतों में इस अप्रत्याशित वृद्धि का असर सीधे तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, शासकीय योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना पर पड़ रहा है।
सरकारी योजनाओं पर असर
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा कि सीमेंट की बढ़ती कीमतों का असर
- प्रधानमंत्री आवास योजना,
- ग्रामीण विकास परियोजनाओं,
- सड़क निर्माण,
- और अन्य शासकीय योजनाओं पर पड़ रहा है।
इससे इन योजनाओं की लागत बढ़ेगी और आम जनता को नुकसान होगा।
तत्काल कार्रवाई की मांग
बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकार की योजनाओं बल्कि आम जनता के हितों पर भी सीधा हमला है।
सीमेंट कंपनियों पर नियंत्रण की मांग
उन्होंने सुझाव दिया कि सीमेंट कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए
- नियमित मूल्य समीक्षा,
- पारदर्शिता बढ़ाने,
- और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।
आम जनता और निर्माण क्षेत्र में नाराजगी
इस मूल्य वृद्धि से न केवल सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि निजी निर्माण क्षेत्र और आम जनता पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। लोग अपने घर और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर चिंतित हैं। यह खबर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए मुद्दों और सरकारी आंकड़ों पर आधारित है। अंतिम निर्णय सरकार की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।