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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन ने स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, एजुकेशन और टूरिज्म में एआई का लाभ लेने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में काम करने के लिए कंपनियों को आमंत्रण भी दिया है। मध्यप्रदेश भविष्य में एआई सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी शक्ति के साथ कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे पहले लागू की गई है। इसमें नवाचार किए जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के माध्यम से एआई को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रोत्साहन में भी एआई का लाभ लिया जाएगा। वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसके समुचित प्रबंधन में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। होमस्टे की कनेक्टिविटी में भी पर्यटकों को एआई के जरिए लाभ दिलाया जाएगा।
मध्यप्रदेश में बनेगा एआई का पूरा ईको सिस्टम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एआई का पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस ईको सिस्टम के 5 मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रॉस्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलरेटर शुरू करेंगे। हम मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जरिए एआई गवर्नेंस सैंड बाक्स शुरू करेंगे। इसके लिए सरकार एक मजबूत प्लेट फार्म उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम अपनी इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट पॉलिसी में अब एआई आधारित तकनीकी को भी जोड़ रहे हैं। इससे हमारी उत्पादन क्षमता 15 से 20 प्रतिशत बढ़ सकती है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के विकास के लिए हम मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर में सोलर आधारित सोलर सेंटर, हाईब्रिड ऊर्जा मॉडल और ग्रीन डेटा सेंटर को प्रोत्साहन देंगे। इससे डिजिटल विकास और पर्यावरण का संरक्षण दोनों परस्पर साथ-साथ चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई भविष्य में मध्यप्रदेश अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास इंजन बनेगा। अगले 5 सालों में हम 500 से अधिक एआई स्टार्ट-अप के जरिए 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रदेश के प्रमुख उद्योगों में एआई का अधिकतम उपयोग और एआई सेवाओं के निर्यात के लिए भी सभी जरूरी कदम उठाएंगे।
वैश्विक टेक कंपनियों से किया वन-टू-वन संवाद
एआई समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद किया की। एनवीडिया की उपाध्यक्ष (ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स) कैलिस्टा रेडमंड से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की स्थापना, स्टार्टअप्स को सब्सिडी दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने, स्थानीय साझेदारों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग तंत्र विकसित करने और तकनीकी टूल्स, संसाधन और लाइब्रेरी उपलब्ध कराने पर चर्चा की। साथ ही एलएलएम मॉडल, सॉवरेन एआई की दिशा में सहयोग और एनवीडिया के फ्लैगशिप कार्यक्रम में आमंत्रण पर भी विचार-विमर्श किया गया। एनवीडिया अमेरिका स्थित एक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो जीपीयू, एआई कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर समाधान तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेनस्पार्क एआई के वैश्विक जीटीएम प्रमुख ब्रेनो मेलो से वन-टू-वन बैठक कर राज्य में समाधान प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका, उपलब्ध तकनीकी समाधानों के उपयोग और एमओयू के अनुरूप पायलट प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा की।
सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार से वन-टू-वन बैठक में फुल-स्टैक सॉवरेन एआई मॉडल विकसित करने, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा की। सर्वम एआई बेंगलुरु स्थित एक भारतीय एआई स्टार्टअप है, जो भारतीय भाषाओं के लिए सॉवरेन जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म और बड़े भाषा मॉडल विकसित करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने के-जन एआई की श्रुति वर्मा से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम जैम आयोजन, गेम डेवलपमेंट और एआई में अपस्किलिंग, मध्यप्रदेश के अटल प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी और इंदौर में स्टूडियो स्थापना के विषय पर चर्चा की। के-जन एआई बेंगलुरु स्थित एआई-सक्षम गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म है।
गूगल प्ले के निदेशक कुणाल सोनी से गेमिंग स्टार्टअप्स एवं विद्यार्थियों को सहयोग, एआई स्किलिंग और प्रशिक्षण, अपस्किलिंग, प्रमाणन एवं पाठ्यक्रम विकास, गेमिंग पार्टनरशिप और एक्सेलरेटर कार्यक्रमों पर चर्चा की। इंदौर और भोपाल में गूगल प्ले इवेंट आयोजित करने, कंटेंट एक्सपोर्ट और पब्लिशिंग सपोर्ट प्रदान करने और उज्जैन सिंहस्थ 2028 के अवसर पर संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया। गूगल प्ले वैश्विक डिजिटल ऐप एवं गेम वितरण प्लेटफ़ॉर्म है।
सबमर टेक्नोलॉजीज (भारत) के अध्यक्ष देव त्यागी के साथ कम जल उपयोग वाली इमर्सिव कूलिंग तकनीक, बिजली खपत में 40 प्रतिशत तक कमी, सतत एआई डेटा सेंटरों के विकास पर चर्चा की। सबमर टेक्नोलॉजीज, बार्सिलोना (स्पेन) स्थित वैश्विक डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो लिक्विड इमर्शन कूलिंग समाधान विकसित करती है।
इनविसिड एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यवाही अधिकारी कपिल जैन से फिजिक्स-आधारित एआई समाधान विकसित करने, मध्यप्रदेश के डेटा सेंटरों के उन्नयन और रूपांतरण, डिजिटल ट्विन सिमुलेशन, ऊर्जा खपत प्रबंधन और प्रदेश में 8 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा की। इनविसिड एआई अमेरिका स्थित उन्नत फिजिक्स-इन्फॉर्म्ड एआई कंपनी है, जो इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्मार्ट समाधान विकसित करती है।
विभिन्न कंपनियों के साथ हुए एओयू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से राज्य के एआई मिशन के प्रमुख स्तंभों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए 3 महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।

इन एमओयू में जेनस्पार्क एआई इंक. के साथ एआई इन्फॉस्ट्रक्चर के अनुकूलन, सृजनात्मक एआई आधारित शासन समाधानों के विकास और नवाचार परीक्षण मंच की स्थापना पर सहमति बनी। इनविसिड एआई कंपनी के साथ राज्य डेटा केंद्र में एआई संचालित डिजिटल प्रतिरूप (डिजिटल ट्विन) की तैनाती के लिए सहयोग किया जाएगा। वहीं सर्वम एआई (एक्सोनवाइज प्रा. लि.) के साथ सॉवरेन एआई अवसंरचना के निर्माण और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के विकास के लिए सहभागिता सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त, सबमर टेक्नोलॉजीज़ एस.एल. को ऊर्जा-कुशल, द्रव-शीतित एवं एआई-तत्पर डेटा केंद्र अवसंरचना के विकास तथा भविष्य में एक गीगावाट तक एआई-अनुकूलित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से आशय पत्र जारी किया गया।
गूगल पेवेलियन का किया आवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गूगल पेवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने कंट्री डायरेक्टर श्री आशीष वाटल एवं कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय संवाद किया। एआई, संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) सहित मानचित्र-आधारित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में पर्यटन नवाचार को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में पुरातात्विक एवं धरोहर स्थलों के सजीव आभासी भ्रमण, व्यक्तिगत यात्रा अनुभवों का सृजन, वास्तविक समय यात्री सहभागिता, एआई-संचालित गंतव्य विश्लेषण और सतत पर्यटन विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई-संचालित क्रिकेट इंस्टॉलेशन का भी अनुभव किया, जहाँ वास्तविक समय विश्लेषण के माध्यम से खेल प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन सुधार में एआई की उपयोगिता का प्रदर्शन किया गया।
म.प्र. पेवेलियन का किया भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर अवलोकन किया। पेवेलियन में विभिन्न नवप्रवर्तनशील उद्यमों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के अत्याधुनिक एआई समाधान का अवलोकन किया। इनमें कॉमनिफाई वेंचर्स, रिमोट फिज़ियोस, आस्कगैलोर डिजिटल इंडिया प्रा. लि., ग्रेडिन एआई, ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि., आरएसईएनएल एआई फिल्म्स, क्वासी इंटेलिजेंस प्रा. लि., यंगोवेटर, नोवोसएज (एग्रीदूत), एनयूएआईजी इन्फोटेक प्रा. लि., प्लांटिक्स, ज़ैंगोह, आईआईटी इंदौर दृष्टि साइबर-भौतिक प्रणाली फाउंडेशन और आईआईटी इंदौर शामिल रहे।इन संस्थानों द्वारा संचार प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएँ, कृषि नवाचार, औद्योगिक स्वचालन, रोबोटिक्स, सृजनात्मक एआई तथा संप्रभु शासन मंचों से संबंधित उन्नत एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए। इनमें राज्य की तकनीकी क्षमता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।
म.प्र. पेवेलियन में शासकीय विभागों ने भी अपने एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया, जिनमें नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी शहरी लॉकर, भौगोलिक सूचना प्रणाली गरुड़ प्रयोगशाला, एआई सक्षम वित्तीय प्रवाह प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण; पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एआई आधारित जिला प्रदर्शन विश्लेषण प्रणाली,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान, एआई आधारित जाँच एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सहायता और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा होलोग्राफिक एवं सजीव डिजिटल पर्यटन अनुभव शामिल रहे।
प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेलवेंद्रम, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी. एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित थे।
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