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MP News : भोपाल : मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध खनिज संपदा और निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर खनन क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की राह पर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने खनिज नीलामी, सतत विकास और औद्योगिक प्रगति में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। मध्यप्रदेश न केवल आर्थिक विकास का केंद्र बन रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
MP News : खनन क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
मध्यप्रदेश ने खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। पारदर्शी नीलामी प्रक्रियाओं, पर्यावरण-अनुकूल खनन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य ने 29 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान हासिल किया, जिसके लिए भारत सरकार ने 2022 और 2025 में खनन मंत्रियों के सम्मेलन में मध्यप्रदेश को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
हाल ही में मध्यप्रदेश ने क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी शुरू कर केंद्र सरकार की नीति को लागू करने वाला पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया। अब तक 103 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जिससे भविष्य में 1.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। सिंगरौली और कटनी जिलों में पांच स्वर्ण ब्लॉकों की नीलामी की गई है, जिनमें 7.87 मिलियन टन अयस्क भंडार मौजूद है। इसके अलावा, जबलपुर के सिहोरा और कटनी के स्लीमनाबाद क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सोने की उपलब्धता के संकेत मिले हैं।
MP News : खनिज संपदा का खजाना
मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों का भंडार है। यह देश का एकमात्र राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। पन्ना जिले की मझगवां खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है, और छतरपुर के बंदर हीरा ब्लॉक में 34.2 मिलियन कैरेट हीरे का अनुमानित भंडार मौजूद है। मध्यप्रदेश तांबे के उत्पादन में भी अग्रणी है, जहां मलाजखंड तांबा खदान देश की सबसे बड़ी तांबा खदान है और देश के 70% तांबा भंडार का स्रोत है। मैंगनीज, रॉक फॉस्फेट, चूना पत्थर और कोयला जैसे खनिजों में भी मध्यप्रदेश शीर्ष स्थानों पर है।
हाल ही में जबलपुर और कटनी में सोने की खोज और पन्ना-छतरपुर में हीरे के विशाल भंडार की पुष्टि ने मध्यप्रदेश की खनिज संपदा को और समृद्ध किया है। जिला खनिज निधि के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला-बाल कल्याण, स्वच्छता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में 16,452 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 7,583 पूरी हो चुकी हैं। ये परियोजनाएं स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
MP News : आर्थिक विकास और रोजगार सृजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा दिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व में 23% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पहली बार 10,000 करोड़ रुपये को पार कर गया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 4,958 करोड़ रुपये था। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
MP News : औद्योगिक विकास का नया अध्याय
23 अगस्त 2025 को कटनी में आयोजित होने वाला मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव खनिज-आधारित उद्योगों और औद्योगिक विकास पर केंद्रित होगा। इस आयोजन में 1,500 से अधिक उद्योगपति और हितधारक हिस्सा लेंगे, जहां निवेश, रोजगार सृजन और सतत खनन प्रथाओं पर चर्चा होगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में भी खनन क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिसमें अगले पांच वर्षों में खनिज राजस्व को 11,000 करोड़ से बढ़ाकर 55,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
MP News : माइनिंग कैपिटल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों और निवेश-अनुकूल नीतियों के दम पर देश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को भारत की ‘माइनिंग कैपिटल’ बनाना है।” उन्होंने पारदर्शी नीलामी, पर्यावरण-अनुकूल खनन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि ये प्रयास न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी साकार कर रहे हैं।
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