उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों के लिए विशेष उपहार के रूप में 14 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इससे पहले यह पर्व निर्बंधित अवकाश की सूची में शामिल था, लेकिन अब इसे सार्वजनिक अवकाश में बदल दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के विशेष सचिव जुहैर बिन सगीर ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे "संक्रांति" कहा जाता है। इसे नई फसल के आगमन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, दान और खिचड़ी का विशेष महत्व है।
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
- स्नान का समय: सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
- दान का समय: दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक
गंगा स्नान करने और तिल, गुड़, खिचड़ी, कपड़े और अन्न का दान करने से पुण्य लाभ मिलता है।
लखनवी खिचड़ी का स्वाद
उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ, में मकर संक्रांति पर खिचड़ी का खास महत्व है। पारंपरिक खिचड़ी तिल, मूंग दाल और चावल से बनाई जाती है और इसे घी और पापड़ के साथ परोसा जाता है। यह भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसे धार्मिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है।
मकर संक्रांति के उत्सव की झलक
- पर्व का जश्न: इस दिन लोग गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।
- पकवानों की मिठास: तिल-गुड़ के लड्डू, खिचड़ी और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जाता है।
- दान की परंपरा: अन्न, वस्त्र और धन का दान किया जाता है, जिससे समाज में समानता और सहयोग की भावना बढ़ती है।
- पतंगबाजी: कई जगहों पर पतंगबाजी का आयोजन होता है, जो इस पर्व की खास परंपरा है।
मुख्यमंत्री का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक समरसता, परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
मकर संक्रांति का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। आप सभी को मकर संक्रांति 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं!