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Chherchhera festival 2025: छत्तीसगढ़ का लोक पर्व, अन्नदान और दानशीलता का महापर्व...

Puja Rahi
Raipur : छत्तीसगढ़ का लोक पर्व, जानें छेरछेरा पर्व का महत्व और परंपराएं...
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Raipur : छत्तीसगढ़ का लोक पर्व, जानें छेरछेरा पर्व का महत्व और परंपराएं…

छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा आज यानी पौष पूर्णिमा के दिन बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।छत्तीसगढ़ का 'छेरछेरा लोकपर्व |अनोखी परंपरा ,रोचक है कहानी |

छेरछेरा पर्व का महत्व

छेरछेरा पर्व नई फसल की खुशी में मनाया जाता है। यह पर्व सामाजिक समरसता, दानशीलता और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। इस दिन लोग धान, साग-भाजी और फलों का दान करते हैं, जिससे समाज में परोपकार और सहृदयता को बढ़ावा मिलता है।

छेरछेरा पर्व की पौराणिक मान्यताएं

  • मां शाकम्भरी जयंती: यह पर्व मुख्य रूप से मां शाकम्भरी की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
  • भगवान शंकर और माता अन्नपूर्णा: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी। तभी से इस दिन दान करने की परंपरा की शुरुआत हुई।

छेरछेरा पर्व की विशेषताएं

  1. दान का महापर्व: छेरछेरा पर्व को महादान के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग धान के साथ साग-भाजी, फल आदि का दान करते हैं।
  2. सामाजिक समरसता का प्रतीक: यह पर्व समाज के सभी वर्गों को एकजुट करता है और परस्पर सहयोग व सौहार्द की भावना को बढ़ावा देता है।
  3. नवीन फसल का उत्सव: नई फसल के आगमन की खुशी में यह त्योहार उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
  4. अलौकिक परंपराएं: छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की अद्वितीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है।

छेरछेरा पर्व कैसे मनाया जाता है?

  • पौष पूर्णिमा के दिन लोग घर-घर जाकर धान और अन्य वस्तुओं का दान करते हैं।
  • गांवों और शहरों में इस दिन सामूहिक आयोजन किए जाते हैं, जिसमें लोग एकजुट होकर पर्व की खुशियां मनाते हैं।
  • मां शाकम्भरी की पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें साग-भाजी व फलों का भोग लगाया जाता है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह त्योहार हमें दानशीलता, सामाजिक एकता और समर्पण का संदेश देता है।

छेरछेरा पर्व का संदेश

छेरछेरा पर्व न केवल नई फसल की खुशी में मनाया जाने वाला महोत्सव है, बल्कि यह हमें समाज में परस्पर सहयोग और समरसता का संदेश देता है। इस पर्व की परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और समृद्ध बनाने का कार्य करती हैं।

आप सभी को छेरछेरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!


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