Mahakumbh 2025: साध्वी हर्षा ने बताया मंत्र, कहा- 11 दिन में वश में होगा मनचाहा प्यार...
Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 के पहले दिन पौष पूर्णिमा पर एक महिला की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। इन तस्वीरों और वीडियो में हर्षा रिछारिया को एक खूबसूरत और ग्लैमरस साध्वी के रूप में दिखाया गया। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई साध्वी नहीं हैं, बल्कि अभी तो सनातन धर्म को समझ रही हैं।
हर्षा रिछारिया की वायरल रील्स
हर्षा रिछारिया, जो कि सोशल मीडिया पर @host_harsha के नाम से जानी जाती हैं, की इंस्टाग्राम पर कई रील्स हैं, जो उनके नए रूप के सामने आने के बाद से बहुत चर्चा में हैं। इनमें एक वीडियो में वे माथे पर चंदन का टीका लगाए और गले में स्फूतिक की माला पहने हुए हैं, और अपने फॉलोअर्स को कुछ विशेष मंत्र बताने की बात करती हैं। इस वीडियो में हर्षा कहती हैं,
“हर-हर महादेव, जय श्री राम! काफी लोग मुझे मैसेज कर रहे हैं कि हमें हमारा मनचाहा प्यार वश में करना है। तो मैं आपको एक मंत्र बताने वाली हूं…”
मंत्र और मजेदार रील्स
हर्षा ने वीडियो में एक मजेदार मंत्र बताया:
“ऊं गिली गिली छू… ऊं फट् स्वाहा.”
उन्होंने कहा कि यह मंत्र 1008 बार प्रतिदिन जाप करने से आप अपने मनचाहे प्रेमी या प्रेमिका को वश में कर सकते हैं। हालांकि, यह मंत्र एक मजेदार रील थी और हर्षा खुद भी इसे हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत कर रही थीं।
Mahakumbh 2025: सनातन धर्म की ओर रुझान
हर्षा ने एक अन्य वीडियो में कहा कि वे एक्टिंग छोड़कर अब सुकून की तलाश में हैं और सनातन धर्म को समझ रही हैं। उन्होंने बताया कि वे 30 साल की हैं, उत्तराखंड से आई हैं, और आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या हैं। उनका जन्म यूपी के झांसी में हुआ था, लेकिन वे बाद में भोपाल और फिर मुंबई और दिल्ली में रही हैं।
अध्यात्मिक यात्रा
हर्षा रिछारिया निरंजनी अखाड़े की शिष्या हैं और पिछले कुछ समय से उत्तराखंड में साधना कर रही हैं। उनका मन अब अध्यात्म की ओर मुड़ चुका है, और वे संतुलित जीवन की तलाश में हैं।
मुख्य बिंदु:
- हर्षा रिछारिया का वायरल वीडियो और रील्स
- मजेदार मंत्र और फॉलोअर्स से संवाद
- एक्टिंग छोड़कर साधना की ओर रुख
- निरंजनी अखाड़े की शिष्या और सनातन धर्म की खोज
हर्षा रिछारिया की ये रील्स और उनके नए रूप ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, हालांकि वे खुद को साध्वी मानने से इंकार करती हैं और अपने आध्यात्मिक सफर को समझाने की कोशिश करती हैं।
