Ladakh
Ladakh: नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, संस्था अब विदेशी चंदे या आर्थिक सहायता ग्रहण नहीं कर सकेगी। यह कदम केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा FCRA उल्लंघन की जांच शुरू होने के तुरंत बाद आया है।
Ladakh: 1988 में स्थापित SECMOL लद्दाख में शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है। मंत्रालय ने शो-कॉज नोटिस में आरोप लगाया कि 2021-22 में वांगचुक ने 3.35 लाख रुपये FCRA खाते में जमा किए, जो धारा-17 का उल्लंघन है। इसी तरह 2020-21 में स्थानीय फंड्स 54,600 रुपये अवैध रूप से जमा किए गए। संस्था ने स्पष्टिकरण नहीं दिया, जिससे रद्दीकरण हुआ।
Ladakh: यह कार्रवाई लद्दाख हिंसा के एक दिन बाद आई, जहां 24 सितंबर को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग पर प्रदर्शन हिंसक हो गए। चार प्रदर्शनकारियों की मौत, 80 से अधिक घायल हुए। मंत्रालय ने वांगचुक को भड़काऊ बयानों (अरब स्प्रिंग, नेपाल Gen Z प्रोटेस्ट का हवाला) के लिए जिम्मेदार ठहराया। वांगचुक ने 10 सितंबर से भूख हड़ताल की थी, लेकिन हिंसा के दौरान उपवास तोड़ा और बिना प्रयास के गांव चले गए।
Ladakh: वांगचुक ने कहा, “हम विदेशी फंड पर निर्भर नहीं; संयुक्त राष्ट्र, स्विस यूनिवर्सिटी से ज्ञान निर्यात कर राजस्व कमाते हैं।” लद्दाख में राजनीतिक हलचल तेज, स्थानीय मांगें और केंद्र के कदमों से तनाव बढ़ा।
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