Jharkhand News : रांची। झारखंड की राजधानी रांची से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। पुलिस के मुताबिक मालखाने में रखे 200 किलो गांजे को “चूहों ने खा लिया”, नतीजा यह हुआ कि एनडीपीएस एक्ट का एक गंभीर मामला अदालत में कमजोर पड़ गया और आरोपी को बरी करना पड़ा।
Jharkhand News : यह मामला वर्ष 2022 का है, जब ओरमांझी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक सफेद बोलेरो से करीब 200 किलो गांजा जब्त किया था। इस मामले में बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर चार्जशीट भी दाखिल की थी।
Jharkhand News : लेकिन अदालत में सुनवाई के दौरान मामला तब पलट गया, जब पुलिस जब्त गांजे को सबूत के तौर पर पेश नहीं कर सकी। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि अदालत को बताया गया कि ओरमांझी थाना के मालखाने में पुलिस निगरानी में रखा गया गांजा चूहों द्वारा खा लिया गया। पुलिस ने इस संबंध में वर्ष 2024 में सनहा दर्ज होने की जानकारी भी दी।
Jharkhand News : अदालत ने इस दलील को गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी होती है। सबूतों का इस तरह नष्ट होना जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपी इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय को बरी कर दिया।
Jharkhand News : करीब एक करोड़ रुपये कीमत के गांजे के “गायब” होने का यह मामला सामने आने के बाद रांची पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि सबूतों की सुरक्षा और जांच प्रणाली की गंभीर खामियों को भी उजागर करती है।
Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


