Iran: दोनों को पहचान लीजिए': कहा- '168 बच्चों के हत्यारे हैं ये दरिंदे' ईरान के स्कूल पर मिसाइलें गिराने वाले US अधिकारियों की तस्वीर जारी
Iran: नई दिल्ली: ईरान के मीनाब शहर में स्थित ‘शजरे तैयबा’ गर्ल्स स्कूल पर हुए मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इस हमले में बड़ी संख्या में मासूम छात्राओं की मौत हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, जिससे स्कूल पूरी तरह तबाह हो गया और 168 से अधिक बच्चों की जान चली गई।
‘ट्रिपल टैप’ रणनीति का इस्तेमाल
इस हमले की सबसे भयावह बात ‘ट्रिपल टैप’ स्ट्राइक बताई जा रही है। पहली मिसाइल गिरने के बाद जब लोग बचाव के लिए पहुंचे, तभी दूसरी और तीसरी मिसाइल दागी गई। इस रणनीति का उद्देश्य केवल लक्ष्य को नष्ट करना नहीं, बल्कि बचाव कार्य में जुटे लोगों को भी निशाना बनाना होता है।
दो अमेरिकी अधिकारियों पर आरोप
ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिकी नौसेना के दो अधिकारियों कमांडर ली आर टेट और कार्यकारी अधिकारी जेफरी ई यॉर्क को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें ‘युद्ध अपराधी’ बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने मिसाइल हमले का आदेश दिया।
अमेरिका की सफाई
अमेरिका ने इस घटना को खुफिया जानकारी की गलती बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुराने डेटा के आधार पर स्कूल परिसर को सैन्य ठिकाना समझ लिया गया था। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि वह नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाता और मामले की जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे सुनियोजित हमला करार दिया है, जबकि अमेरिका ने किसी भी जानबूझकर कार्रवाई से इनकार किया है। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीर बहस का विषय बन गया है
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