Iran allows Indian tankers to pass Hormuz
Iran allows Indian tankers to pass Hormuz: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता मिली है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद लिया गया। ऐसे समय में जब कई देशों के जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है, भारत के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
Iran allows Indian tankers to pass Hormuz: पुष्पक और परिमल टैंकर सुरक्षित गुजरे
जानकारी के अनुसार कम से कम दो भारतीय टैंकर पुष्पक और परिमल होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुके हैं। मौजूदा हालात में यह वही समुद्री मार्ग है जहां बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इस बीच सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आ रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर भी, जिसका कप्तान भारतीय था, दो दिन पहले इस मार्ग से गुजरकर मुंबई बंदरगाह पहुंचा।
Iran allows Indian tankers to pass Hormuz: क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री रास्तों में से एक है। सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है। दुनिया के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
Iran allows Indian tankers to pass Hormuz: युद्ध के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर असर
ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष अब 13वें दिन में पहुंच चुका है। इस तनाव के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वैश्विक तेल कीमतों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज अमेरिका और इस्राइल के हितों से जुड़े हैं, उन्हें इस मार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
Iran allows Indian tankers to pass Hormuz: भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलना भारत की संतुलित और स्वतंत्र कूटनीति का परिणाम है। इससे मौजूदा युद्ध जैसे हालात के बीच भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में मदद मिलेगी और देश की तेल आपूर्ति पर बड़ा संकट टल सकता है।
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