Hormuz Crisis
Hormuz Crisis: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने के बीच वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कीर स्टार्मर ने इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा सुचारू करने और तेल आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के उद्देश्य से 35 देशों की बैठक बुलाई है, जिसमें भारत भी हिस्सा ले रहा है। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
Hormuz Crisis: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत लगातार ईरान और अन्य संबंधित देशों के संपर्क में है, ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। हालिया प्रयासों के चलते भारत के छह जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं, जो एलपीजी और एलएनजी जैसे जरूरी संसाधन लेकर आ रहे थे।
Hormuz Crisis: मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय जहाजों पर किसी तरह के टोल को लेकर ईरान के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। यह क्षेत्र फिलहाल संघर्ष के कारण संवेदनशील बना हुआ है।
Hormuz Crisis: वहीं, लेबनान में तैनात भारतीय शांति सैनिकों की सुरक्षा पर भी सरकार सतर्क है। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के तहत लगभग 600 भारतीय जवान वहां तैनात हैं, जिनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह वैश्विक शांति प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा और अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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