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Himachal Pradesh : हिमाचल में मानसून का कहर, जल प्रलय से अब तक 44 की मौत, 22 भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट

Dev Verma
Himachal Pradesh :
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Himachal Pradesh : शिमला : हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण मानसूनी आपदा की चपेट में है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 30 जून के बीच बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 82 लोग घायल हुए हैं। वहीं, 83 मवेशियों की भी जान चली गई है।

राज्य में भारी बारिश के चलते भूस्खलन का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट में 22 संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें से 18 हाई रिस्क जोन और एक स्थान को 'वेरी हाई रिस्क ज़ोन' घोषित किया गया है।

Himachal Pradesh : मंडी और कांगड़ा सबसे ज्यादा संवेदनशील

रिपोर्ट के अनुसार, कांगड़ा जिले के संधोल क्षेत्र को ‘अति उच्च जोखिम क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया गया है, जो वर्तमान में सबसे संवेदनशील माना जा रहा है।
मंडी जिले के 15 स्थानों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है जिनमें पराशर, ग्रिफन पीक-1 से 10, सनाली, तत्तापानी और विश्वकर्मा मंदिर क्षेत्र प्रमुख हैं।

इसके अलावा:

  • कांगड़ा के 4 क्षेत्र
  • शिमला के 2 क्षेत्र
  • सोलन का 1 क्षेत्र
    को भी भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया गया है।

धर्मशाला (कांगड़ा) और जतोग (शिमला) भी उच्च खतरे वाले इलाकों में हैं।

Himachal Pradesh : सरकारी संपत्ति को ₹75 करोड़ से अधिक का नुकसान

आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक:

  • 35 मकान,
  • 8 दुकानें,
  • 26 गौशालाएं नष्ट हो चुकी हैं।
    विभाग के अनुसार सरकारी संपत्तियों को करीब ₹75 करोड़ का नुकसान हुआ है, जिसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा क्षति पहुँची है।

390 सड़कों पर आवागमन ठप, पुल भी खतरे में

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी है कि प्रदेशभर में 390 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इन सड़कों को खोलने के लिए:

  • 110 विभागीय JCB
  • 132 किराए की मशीनें
    युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों में सभी मार्गों को बहाल करने का लक्ष्य है। इसके अलावा पुलों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए 20 करोड़ रुपये के वैली ब्रिज तैयार रखे गए हैं जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत स्थापित किया जा सकेगा।

Himachal Pradesh : सरकार की अपील: सतर्क रहें, यात्रा से बचें

प्रदेश सरकार ने जनता से संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सभी 22 जोखिमग्रस्त क्षेत्रों में निगरानी टीमें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

Himachal Pradesh : हिमाचल की आपदा पर नज़र बनाए हुए है प्रशासन

फिलहाल सरकार, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियाँ हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जनता की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


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