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CG News : रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान में छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। राज्य का बालोद जिला देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक तौर पर बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में यहां बाल विवाह का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को भी बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
CG News : बालोद: राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा स्रोत
बालोद जिले की यह उपलब्धि दस्तावेज सत्यापन और विधिक प्रक्रिया के बाद हासिल हुई। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा, “यह सफलता प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की संयुक्त भागीदारी का परिणाम है। सभी पंचायतों और नगरीय निकायों का सक्रिय सहयोग सराहनीय है।” यह जिला अब पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जहां सामाजिक जागरूकता ने कुप्रथा को जड़ से समाप्त कर दिया।
CG News : सूरजपुर की 75 पंचायतें भी मुक्त
पीएम मोदी के 75वें जन्मदिवस पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। पिछले दो वर्षों में इन पंचायतों से भी कोई बाल विवाह का मामला सामने नहीं आया। राज्य सरकार ने इसे सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
CG News : सीएम साय: सामाजिक परिवर्तन का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का सामूहिक संकल्प है। हम 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाएंगे। अन्य जिलों में भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जहां पिछले दो वर्षों में कोई मामला न होने पर शीघ्र प्रमाण पत्र जारी होंगे।” उन्होंने जोर दिया कि यह प्रयास बालिकाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने का माध्यम बनेगा।
CG News : मंत्री राजवाड़े: समाज-सरकार की साझेदारी से सफलता
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालोद और सूरजपुर की उपलब्धियों को देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा, “यदि समाज और सरकार मिलकर काम करें, तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है। यूनिसेफ का तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र ने इस अभियान को मजबूत बनाया।” मंत्री ने अन्य राज्यों से भी छत्तीसगढ़ की इस मॉडल को अपनाने की अपील की।
CG News : राष्ट्रीय स्तर पर मील का पत्थर
छत्तीसगढ़ की यह पहल ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी, शिक्षा और जागरूकता पर फोकस से देशव्यापी उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब अन्य जिलों को भी इसी तरह मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है, जो बाल विवाह मुक्त भारत के सपने को साकार करने की ओर एक बड़ा कदम है।
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