CAG Report 2026: राज्य की वित्तीय स्थिति संतोषजनक, पर बढ़ा कर्ज, कैग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश
CAG Report 2026: रायपुर। महालेखाकार (कैग) ने वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की वित्तीय स्थिति पर अपनी रिपोर्ट विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट में राज्य की वित्तीय स्थिति का आंकलन प्रस्तुत किया गया है। इसमें कर्ज, ब्याज भुगतान और बजटीय प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया।
CAG Report 2026: जीएसडीपी और राजस्व में दोहरे अंकों की वृद्धि, केंद्र पर निर्भरता घटी
रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढक़र 5.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.89 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में राज्य की राजस्व प्राप्तियों में 16.21 प्रतिशत तथा राज्य के अपने राजस्व में 15.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्र सरकार से मिलने वाले सहायता अनुदानों पर निर्भरता भी घटकर 11.86 प्रतिशत रह गई।
CAG Report 2026: कुल खर्च 1.45 लाख करोड़, राजस्व व्यय का रहा सबसे बड़ा हिस्सा
कैग ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें राजस्व व्यय का हिस्सा 88.53 प्रतिशत रहा, जबकि पूंजीगत व्यय 20,054.62 करोड़ रुपये रहा। ऊर्जा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति क्षेत्र में दी गई सब्सिडी का बड़ा हिस्सा खर्च हुआ।
CAG Report 2026: बढ़ा कर्ज का बोझ, नए उधार का 47% पुराने ऋण चुकाने में खर्च
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि राज्य का लोक ऋण बढक़र 33,463 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2024-25 के दौरान लिए गए उधार का 47 प्रतिशत हिस्सा पुराने ऋण चुकाने में खर्च हुआ, जिससे केवल 53 प्रतिशत राशि ही विकास कार्यों के लिए उपलब्ध रही। राजस्व प्राप्तियों के अनुपात में ब्याज भुगतान भी बढक़र 7.44 प्रतिशत हो गया, जो बढ़ते ऋण बोझ का संकेत है।
CAG Report 2026: राजकोषीय घाटा घटा, देनदारियां वित्त आयोग की सीमा में
हालांकि लेखापरीक्षा के बाद राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.48 प्रतिशत पर रहा, जो पिछले वर्ष के 5.44 प्रतिशत से कम है। राज्य की कुल बकाया देनदारियां भी 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर पाई गईं।
CAG Report 2026: 25 नई योजनाओं पर खर्च नहीं, 1,538 करोड़ का अतिरिक्त व्यय
कैग ने बजट प्रबंधन में कुछ कमियां भी उजागर की हैं। रिपोर्ट में यह बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 25 नई योजनाओं के लिए 261.41 करोड़ रुपये का प्रावधान होने के बावजूद कोई खर्च नहीं किया गया। इसके अलावा छह विनियोगों में 1,538.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय हुआ, जिसके नियमितीकरण की आवश्यकता बताई गई।
CAG Report 2026: 1.53 लाख करोड़ से अधिक बजटीय देनदारियां
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मार्च 2025 तक राज्य पर 1.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बजटीय देनदारियां तथा 4,776.57 करोड़ रुपये की ऑफ-बजट देनदारियां थीं। साथ ही भारतीय सरकारी लेखांकन मानकों के कुछ प्रावधानों का पूर्ण पालन नहीं किए जाने की भी टिप्पणी की गई है।

