Budget 2026
Budget 2026: नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले कई अहम बदलावों का ऐलान किया। बजट में स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा प्रोत्साहन दिया गया है, जबकि कुछ गैर-जरूरी वस्तुओं पर बोझ बढ़ाया गया है।
Budget 2026: सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र में
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जरूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। साथ ही 7 दुर्लभ (रेयर) बीमारियों की दवाएं और कुछ मेडिकल न्यूट्रिशन पर भी टैक्स छूट मिलेगी। शुगर (डायबिटीज) की दवाएं भी सस्ती होंगी। इससे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के इलाज का खर्च कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
Budget 2026: हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बूस्ट
सोलर पैनल, सोलर ग्लास, EV बैटरी, लिथियम-आयन सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े इनपुट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई या हटाई गई है। इससे भारत में सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन की लागत कम होगी, जिसका फायदा मध्यम अवधि में उपभोक्ताओं को सस्ते सोलर सिस्टम और EV में मिल सकता है। माइक्रोवेव ओवन, मोबाइल बैटरी और कुछ अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स भी सस्ते होंगे।
Budget 2026: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा
चमड़े के जूते, सिंथेटिक फुटवियर, कपड़े, लेदर प्रोडक्ट्स और मेक-इन-इंडिया स्मार्टफोन-टैबलेट के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स सस्ते होंगे। इससे घरेलू फैक्ट्रियों को फायदा मिलेगा और उपभोक्ताओं को किफायती डिवाइस मिलने की संभावना बढ़ेगी। विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर TCS दर घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे विदेश घूमना और पढ़ाई-इलाज थोड़ा सस्ता होगा।
Budget 2026: क्या महंगा हुआ?
शराब पर TCS दर बढ़ाई गई है, जिससे दुकानों पर कीमतें बढ़ सकती हैं। शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया गया है। स्क्रैप, मिनरल्स और कुछ अन्य आयातित सामान भी महंगे होंगे।
Budget 2026: वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा GDP के 4.3% रहने का अनुमान जताया है। बजट में टैक्स स्लैब या GST दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट का असर तुरंत नहीं, बल्कि नए स्टॉक आने के बाद धीरे-धीरे बाजार में दिखेगा। कुल मिलाकर यह बजट स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस वाला है, जो विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

