Bengal Assembly Elections: 30 साल बाद अधीर रंजन चौधरी की बंगाल विधानसभा में वापसी, पिछले चुनाव में नहीं खुला था कांग्रेस का खाता
Bengal Assembly Elections: नई दिल्ली। बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। टीएमसी और बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी है। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची नहीं जारी की है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वह लगभग तीन दशकों के अंतराल के बाद विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
Bengal Assembly Elections: बता दें कि कांग्रेस ने 2021 के राज्य चुनाव लेफ्ट फ्रंट के साथ सीट-बंटवारे के समझौते के तहत लड़ा था। कांग्रेस ने 91 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 294 सदस्यों वाली विधानसभा में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही थी।
Bengal Assembly Elections: बहरामपुर से लड़ेंगे चुनाव
मीडिया से बात करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मेरी पार्टी चाहती है कि मैं बहरामपुर से चुनाव लड़ूं। एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर मैं इस फैसले का पालन करूंगा, क्योंकि यह सिर्फ मेरी पसंद नहीं, बल्कि मेरी पार्टी की भी पसंद है।
Bengal Assembly Elections: हालांकि मैं संसदीय राजनीति का अनुभवी हूं, लेकिन बहरामपुर विधानसभा सीट बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसका मैंने पहले प्रतिनिधित्व किया है। इसलिए मैं यहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हूं।
Bengal Assembly Elections: अधीर रंजन चौधरी ने आगे कहा, मैं कांग्रेस का एक सिपाही हूं और पार्टी मुझसे जो भी करने को कहेगी, मैं वही करूंगा। बंगाल के मौजूदा राजनीतिक हालात में हमारा मकसद कांग्रेस का झंडा ऊंचा रखना है।
Bengal Assembly Elections: बता दें कि बहरामपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व अभी BJP विधायक सुब्रत मोइत्रा (कंचन) कर रहे हैं, जिन्हें पार्टी ने फिर से मैदान में उतारा है। टीएमसी ने इस सीट के लिए बहरामपुर नगर पालिका के अध्यक्ष नारू गोपाल मुखर्जी को उम्मीदवार बनाया है।
Bengal Assembly Elections: 1996 में विधायक बने थे अधीर रंजन चौधरी
अधीर रंजन चौधरी ने पहली बार 1991 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मुर्शिदाबाद जिले के नबग्राम निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा था, लेकिन वे CPI(M) नेता शिशिर कुमार सरकार से लगभग 1,400 वोटों के अंतर से हार गए थे।
Bengal Assembly Elections: उन्होंने 1996 में फिर से नबग्राम से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तीन साल बाद 1999 में उन्होंने बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए यह सीट छोड़ दी। उसके बाद अधीर चौधरी 2024 तक बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव टीएमसी उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उन्हें हरा दिया।
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