Animesh Kujur : जर्मनी में अनिमेष कुजूर रचा इतिहास, विदेश में 100 मीटर सबसे तेज दौड़ने वाले पहले भारतीय बने
Animesh Kujur : नई दिल्ली। भारतीय एथलीट अनिमेष कुजूर ने जर्मनी में आयोजित प्रतिष्ठित PUMA Fast Arms Fast Legs प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने 100 मीटर दौड़ का फाइनल महज 10.14 सेकेंड में पूरा कर दूसरा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ अनिमेष विदेश में 100 मीटर दौड़ का सबसे तेज समय दर्ज करने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।
Animesh Kujur : राष्ट्रीय रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचे अनिमेष
अनिमेष का समय भारतीय इतिहास का दूसरा सबसे तेज 100 मीटर प्रदर्शन भी बन गया है। राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिलहाल गुरिंदरवीर सिंह के नाम है, जिन्होंने इसी वर्ष फेडरेशन कप में 10.09 सेकेंड का समय दर्ज किया था। जर्मनी में आयोजित प्रतियोगिता के हीट राउंड में भी अनिमेष ने 10.19 सेकेंड का समय निकालकर अपनी शानदार फॉर्म के संकेत दे दिए थे।
Animesh Kujur : 200 मीटर के विशेषज्ञ ने 100 मीटर में भी दिखाई रफ्तार
ओडिशा के रहने वाले अनिमेष कुजूर को अब तक मुख्य रूप से 200 मीटर स्प्रिंटर के रूप में जाना जाता था, लेकिन इस प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर स्पर्धा में भी अपनी असाधारण गति का प्रदर्शन किया। फाइनल में उन्होंने शुरुआत से अंत तक बेहतरीन लय बनाए रखी। इस रेस में दक्षिण अफ्रीका के युवा धावक रेटशिदिसित्स्वे म्लेंगा ने 10.03 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अनिमेष दूसरे स्थान पर रहे।
Animesh Kujur : भारतीय स्प्रिंटिंग को मिल रही नई पहचान
हाल के महीनों में भारतीय स्प्रिंटिंग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। फेडरेशन कप के दौरान गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने 24 घंटे के भीतर कई बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार कर भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत का परिचय दिया था। अनिमेष का यह प्रदर्शन भी इसी शानदार सफर का अगला अध्याय माना जा रहा है।
Animesh Kujur : अब कॉमनवेल्थ गेम्स पर टिकी निगाहें
जर्मनी में शानदार प्रदर्शन के बाद अनिमेष कुजूर अब पोलैंड के स्पाला स्थित भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर से जुड़ेंगे। इसके बाद वे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां उनसे 100 मीटर और 200 मीटर दोनों स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद की जा रही है। भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें अब उनके अगले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर टिकी होंगी।

