देहरादून। उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा प्रत्याशी के चयन के लिए संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, करीब 25 दावेदारों में से 9 नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

अब अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। जिन नामों को अंतिम सूची में जगह नहीं मिलेगी, उन्हें संगठन में अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सीएम धामी और प्रदेश नेतृत्व ने किया मंथन

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री फणीश्वरनाथ शर्मा ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद तैयार किए गए पैनल को हाईकमान के पास भेजा गया है। अब केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी नजर

राज्यसभा प्रत्याशी के चयन में बीजेपी कई समीकरणों को ध्यान में रख रही है। चुनावी साल को देखते हुए पार्टी उम्मीदवार चयन में जातीय, क्षेत्रीय संतुलन के साथ महिला, युवा और अन्य वर्गों के प्रतिनिधित्व पर भी विचार कर रही है। बीजेपी के सामने इस बार बड़ी संख्या में दावेदार हैं, ऐसे में अंतिम नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आसान जीत के बावजूद उम्मीदवार चयन अहम

उत्तराखंड विधानसभा में बीजेपी की मजबूत स्थिति के चलते राज्यसभा सीट पर पार्टी की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। इसी वजह से इस सीट के लिए कई नेताओं ने दावेदारी पेश की है। पार्टी नेतृत्व इस सीट के जरिए संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति को भी ध्यान में रखकर फैसला लेने की तैयारी में है।

कांग्रेस भी उतार सकती है उम्मीदवार

वहीं कांग्रेस ने भी राज्यसभा चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। संख्या बल कम होने के बावजूद कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरने की संभावना तलाश रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि लोकतंत्र में चुनाव महत्वपूर्ण होता है और पार्टी इस संबंध में हाईकमान से दिशा-निर्देश मांगेगी।

16 अक्टूबर को होगा मतदान और नतीजे

राज्यसभा की यह सीट सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो रही है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। अब सभी की नजरें बीजेपी के अंतिम उम्मीदवार के नाम पर टिकी हैं।

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