लखनऊ: लखनऊ के निगोहां इलाके में मोबाइल की किस्त बकाया होने पर एक युवक को कथित तौर पर घर से ले जाकर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया गांव निवासी जदूराई ने पुलिस से शिकायत की है। उनका आरोप है कि 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से आए और उनके छोटे बेटे नेवल को बहाने से अपने साथ ले गए।

ब्लड बैंक ले जाकर खून निकलवाने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, पांच दिन बाद नेवल ने बताया कि उसे एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां कथित तौर पर जबरन उसका खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई।

₹2,799 लेने के बाद फिर मांगे ₹12,500

जदूराई के मुताबिक, आरोपियों ने नेवल के बड़े भाई राजकुमार को फोन कर मोबाइल की किस्त के नाम पर ₹2,799 ऑनलाइन मंगवाए। यह रकम 9 सितंबर को QR कोड के जरिए भेजी गई। आरोप है कि पैसे मिलने के बाद भी नेवल को नहीं छोड़ा गया। 11 सितंबर को दोबारा फोन कर ₹12,500 मांगे गए और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

पांचवें दिन थाने पहुंचा युवक

परिवार की शिकायत के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि वह बदहवास हालत में था और कैब का किराया भी भाई से भरवाया गया।

DCP ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

पीड़ित के मां ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने नेवल को ही मामले में फंसा देने की धमकी दी और उसे घर भेज दिया। वहीं, डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

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