लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के रिजल्ट में संशोधन की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने OMR शीट में हुई गलतियों, नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से जुड़े अंक और उत्तरकुंजी के आधार पर अंकों में बदलाव की मांग को खारिज कर दिया है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है। हालांकि, सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र में दर्ज कुछ व्यक्तिगत जानकारियों में सुधार का अवसर दिया जाएगा।

छह सदस्यीय समिति ने की शिकायतों की जांच

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, अभ्यर्थियों से प्राप्त आपत्तियों और प्रत्यावेदनों की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने शिकायतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनका परीक्षण किया। इसमें OMR शीट में अनुक्रमांक, प्रश्न पुस्तिका क्रमांक या दोनों के गोले गलत भरने से जुड़ी शिकायतें भी शामिल थीं।

OMR में गलती की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की

आयोग ने बताया कि परीक्षा मूल्यांकन और स्कोर तैयार करने की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित और स्वचालित होती है। इसलिए OMR शीट भरते समय दी गई जानकारी की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होती है। आयोग के मुताबिक, परीक्षा से पहले जारी दिशा-निर्देशों में OMR भरने और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े नियमों की जानकारी पहले ही दी गई थी।

उत्तरकुंजी के आधार पर अंक बदलने की मांग भी खारिज

कई अभ्यर्थियों ने उत्तरकुंजी के आधार पर अंकों में बदलाव की मांग की थी। आयोग ने इस मांग को भी स्वीकार नहीं किया है। आयोग का कहना है कि परीक्षा के बाद तय प्रक्रिया के तहत उत्तरकुंजी से जुड़े प्रत्यावेदनों की जांच की गई और उसके बाद अंतिम परिणाम जारी किया गया।

नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर आयोग ने दी सफाई

UPTET 2026 परीक्षा अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई थी। ऐसे में अंकों में समानता बनाए रखने के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई थी। अभ्यर्थियों ने नॉर्मलाइजेशन के कारण अंक कम होने की शिकायत की थी। इस पर आयोग ने कहा कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की जानकारी परीक्षा विज्ञापन में पहले ही दी गई थी और इसी आधार पर परिणाम तैयार किया गया है।

सर्टिफिकेट में सुधार का मिलेगा मौका

आयोग ने सफल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा है कि प्रमाणपत्र में दर्ज गलतियों को सुधारने का अवसर दिया जाएगा। इसके तहत नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग/श्रेणी (कैटेगरी) से जुड़ी त्रुटियों में संशोधन किया जा सकेगा। यह सुविधा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी।

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