UP News : प्रयागराज में जमीन के नीचे दबे मिले नोटों से भरे 3 ड्रम, 5 करोड़ से ज्यादा कैश मिलने का दावा, दो भाई गिरफ्तार
नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस की छापेमारी के दौरान 500-500 रुपये की गड्डियों से भरे तीन ड्रम बरामद, नकदी के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस और आयकर विभाग।
UP News : प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस की छापेमारी के दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए नकदी के तीन ड्रम मिलने का मामला सामने आया है। नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में एक पुश्तैनी मकान की तलाशी के दौरान 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद की गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नकदी की रकम 5 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया जा रहा है। मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है, जबकि आयकर विभाग को भी सूचित किया गया है।
सर्च ऑपरेशन में मिले नोटों से भरे तीन ड्रम
पुलिस के मुताबिक, राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर में चोरी के रुपये छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद बुधवार शाम डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर की तलाशी शुरू की, जो करीब साढ़े चार घंटे तक चली। इस दौरान जमीन में दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम मिले। ड्रमों में कपड़े से ढककर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
घर के आसपास तैनात किए गए 40 से अधिक पुलिसकर्मी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा के लिए घर के आसपास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस ने मकान के साथ उससे लगी बागवानी और खाली जमीन के आसपास भी घेराबंदी की है। देर रात होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जानकारी आयकर विभाग और संबंधित एजेंसियों को दे दी गई है। बरामद नकदी की गिनती और उसके स्रोत की जांच की जानी है।
गांव में जमीन और संपत्ति खरीदने की भी चर्चा
ग्रामीणों के मुताबिक, राकेश यादव कुछ साल पहले पुणे में एक सर्राफा व्यापारी के यहां काम करता था। कोविड काल के दौरान गांव लौटने के बाद उसने 22 बीघा जमीन खरीदी और करीब एक करोड़ रुपये की लागत से मकान बनवाया। ग्रामीणों ने उसके कारोबार और संपत्ति को लेकर भी कई दावे किए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राकेश का पड़ोसियों के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम के दौरान पुलिस को उसके घर में नकदी छिपाए जाने की सूचना मिली।