वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में ₹35 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए इन्हें विकसित भारत के संकल्प को गति देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक और तेज कनेक्टिविटी देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वडोदरा के लोगों की ओर से चलाए गए ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान की भी सराहना की।

‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान की PM ने की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा के नागरिकों को स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों ने जिस सेवाभाव के साथ स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया, वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर परिवार और समाज की नियमित आदत का हिस्सा बनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण बताया।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का आखिरी लिंक पूरा

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने टांडा रोड और वडोदरा के बीच मालगाड़ी सेवाओं के साथ एक नई यात्री ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का अंतिम लिंक जुड़ने के साथ देश में करीब 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे DFC प्रोजेक्ट के पूरा होने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल हुआ है।

पीएम मोदी ने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए अहम उपलब्धि बताते हुए कहा कि बेहतर माल परिवहन व्यवस्था से देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

2004 में आया था DFC का विचार

प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में हुई देरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई थी। लेकिन 2014 तक परियोजना से जुड़ी फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहीं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश के वर्क कल्चर में बदलाव आया है और अब लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

क्या है डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर?

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए तैयार की गई हाई-कैपेसिटी रेलवे लाइन है। इसका उद्देश्य यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए एक ही रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को कम करना है। इससे माल की तेज आवाजाही, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

AI-Ready युवाओं पर PM मोदी का जोर

प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI स्किल्स को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि AI की जरूरत केवल IT सेक्टर तक सीमित नहीं है। खेती, स्वास्थ्य, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी AI के इस्तेमाल से नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना जरूरी है, ताकि देश innovation और technology के क्षेत्र में अपनी भूमिका और मजबूत कर सके।

विकास और कनेक्टिविटी को बताया बदलाव की कुंजी

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत है जो सुविधाजनक होने के साथ-साथ तेज भी हो। वडोदरा को विकास, शिक्षा, उद्योग और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि नई परियोजनाएं गुजरात के साथ-साथ देश की आर्थिक गति को भी मजबूत करने में योगदान देंगी।

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