रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही मामले में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित हो चुके थे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुए सोरेन

आरोप गठन के दौरान हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। इस पर सोरेन ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

जमीन रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप

मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। ED ने मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़ा है।

अब आगे बढ़ेगा मुकदमे का ट्रायल

मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। अब आरोप गठन के बाद ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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