रायपुर। नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में जनजातीय विद्यार्थियों को स्वास्थ्य शिक्षा से जोड़ने की दिशा में नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज भवन और डॉरमेटरी का भूमिपूजन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में अस्पताल द्वारा 45 हजार बच्चों की सफल हृदय शल्य चिकित्सा पूरी करने की उपलब्धि भी मनाई गई।

45 हजार बच्चों की सर्जरी का आंकड़ा पार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने 45 हजार बच्चों की सफल शल्य चिकित्सा कर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा केवल चिकित्सा क्षेत्र की सफलता नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का उदाहरण है। अस्पताल ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हजारों बच्चों को नया जीवन देने के साथ उनके परिवारों को भी उम्मीद और खुशियां दी हैं।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के पदाधिकारियों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए बच्चे का स्वस्थ रहना सबसे बड़ी खुशी होती है। ऐसे में जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना मानवता की सच्ची सेवा है।

जनजातीय युवाओं को मिलेगी नर्सिंग शिक्षा की सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों के लिए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्रदेश के आदिवासी अंचलों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को स्वास्थ्य शिक्षा हासिल करने के नए अवसर मिलेंगे। गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेज और डॉरमेटरी के निर्माण से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रहने की सुविधा भी मिलेगी। इससे दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए नर्सिंग की पढ़ाई तक पहुंच आसान हो सकेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार होंगे प्रशिक्षित युवा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आधुनिक चिकित्सा संसाधनों के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भी जरूरत है। प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज इस दिशा में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मददगार साबित होगा।

उन्होंने कहा कि संस्थान से निकलने वाले प्रशिक्षित युवा स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के साथ समाज सेवा की भावना को भी आगे बढ़ा सकेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को भी गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिल सके।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने की अस्पताल की सराहना

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने 45 हजार बच्चों की शल्य चिकित्सा पूरी होने की उपलब्धि पर अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने बच्चों के निःशुल्क उपचार और मानव सेवा के क्षेत्र में संस्थान के योगदान की प्रशंसा की।

सेवा और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल जैसी सेवाभावी संस्थाओं की भागीदारी से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अस्पताल आने वाले समय में भी सेवा, संवेदना और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंद परिवारों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराता रहेगा।

इस अवसर पर श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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