छत्तीसगढ़ में भारी बारिश.. उफान पर महानदी, सिकासार सोढुर और मुरुमसिल्ली लबालब, इन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा
Chhattisgarh Heavy rainfall: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से महानदी उफान पर है। मुरुमसिल्ली 100% और गंगरेल 93% से अधिक भरा, सिकासार में भी जलस्तर बढ़ा। प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया।
Chhattisgarh Heavy rainfall: रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। महानदी और उसकी सहायक नदियों में आए उफान के बाद राजिम के त्रिवेणी संगम से लेकर नवापारा तक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से नदियों व जलाशयों के करीब न जाने की सख्त अपील की है।
मुरुमसिल्ली शत-प्रतिशत भरा, गंगरेल में 93% से अधिक जलभराव
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले का मुरुमसिल्ली जलाशय पूरी तरह (100%) भर चुका है। यहां लगातार 3,836 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है और सायफन के जरिए अतिरिक्त पानी गंगरेल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
वहीं, एशिया प्रसिद्ध गंगरेल जलाशय में जलभराव 93.35 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जहां 9,844 क्यूसेक पानी की आवक लगातार जारी है। इसके अलावा दुधावा में 82.86% और गरियाबंद स्थित सिकासार जलाशय में 84% (लगभग 6,000 क्यूसेक आवक, 4,000 क्यूसेक पैरी नदी में डिस्चार्ज) जलभराव दर्ज किया गया है। सोढुर जलाशय में भी पानी का स्तर 68.78% तक पहुंच गया है।
त्रिवेणी संगम पर उफना रही है महानदी
लगातार पानी छोड़े जाने और बारिश के कारण राजिम के प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम पर महानदी अपने उफान पर है। प्रसिद्ध कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का चबूतरा चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। इसके अलावा, नवापारा में पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आसपास भी पानी की तेज धारा बह रही है। नदी का फैलाव तटीय इलाकों में दूर-दूर तक नजर आने लगा है।
प्रशासन मुस्तैद: निचले इलाकों और गांवों में विशेष सतर्कता
जलाशयों में लगातार बनी आवक को देखते हुए आने वाले घंटों में गंगरेल बांध से और अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना है, जिससे राजिम और आसपास के निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शहरी क्षेत्रों की तुलना में नदी किनारे बसे ग्रामीण और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा अधिक है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के तटों के आसपास बिल्कुल न जाएं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है।