Bihar Cabinet : पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पटना के नेहरू पथ के चौड़ीकरण, 55 स्टेट हाईवे और 44 बड़े पुलों पर कमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स की वसूली, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में चार लाख रुपये तक एजुकेशन लोन जारी रखने और नगर निकायों को हजारों करोड़ रुपये का अनुदान देने जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

55 स्टेट हाईवे और 44 पुलों पर टोल टैक्स

बिहार सरकार ने प्रदेश के 55 स्टेट हाईवे और 44 बड़े पुलों पर कमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए टोल व्यवस्था की संरचना तैयार करने और अन्य संबंधित कार्यों पर 30 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सड़कों और पुलों से गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों से निर्धारित दर के अनुसार टोल की वसूली की जाएगी।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में मिलता रहेगा 4 लाख तक लोन

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पहले की तरह अधिकतम चार लाख रुपये तक एजुकेशन लोन मिलता रहेगा।

कैबिनेट ने 19 अगस्त के उस आदेश को रद्द करने की मंजूरी दी है, जिसमें लोन की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये तक किए जाने की बात कही गई थी। इस फैसले से उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

नेहरू पथ के 7.20 किलोमीटर हिस्से का होगा चौड़ीकरण

राजधानी पटना के प्रमुख नेहरू पथ को डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक चौड़ा किया जाएगा। करीब 7.20 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण के लिए कैबिनेट ने 39.80 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है।

परियोजना के तहत सड़क के किनारे मौजूद नाले और फुटपाथ में जरूरी बदलाव कर सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा चहारदीवारी का स्थानांतरण, करीब पांच किलोमीटर ग्रिल, पेड़ों और अन्य उपयोगिताओं की शिफ्टिंग तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े संकेतक लगाने का काम भी किया जाएगा।

नगर निकायों को चार वर्षों में 9169 करोड़ का अनुदान

कैबिनेट ने बिहार के नगर निकायों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच राज्य के सभी नगर निकायों को कुल 9169 करोड़ रुपये का बेसिक और परफॉर्मेंस अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

इसका लाभ राज्य के सभी 264 नगर निकायों को मिलेगा। राशि के वितरण में 90 प्रतिशत हिस्सा जनसंख्या के आधार पर दिया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत राशि निकायों के प्रदर्शन और स्व-स्रोत राजस्व जैसे मानकों से जुड़ी होगी। पटना नगर निगम के लिए विशेष अवसंरचना घटक और शहरीकरण प्रीमियम का भी प्रावधान किया गया है।

समग्र शहरी विकास योजना को पांच साल का विस्तार

बिहार के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

योजना के तहत सड़क, जल निकासी, पार्किंग, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, झील, पार्क, घाट और जलाशयों से जुड़ी विकास परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। करीब 500 करोड़ रुपये की राशि से योजनाओं का चयन किया जाएगा और इनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बुडको को दी जाएगी।

सीतामढ़ी में ROB के पहुंच पथ के लिए 110 करोड़ मंजूर

सीतामढ़ी जिले में परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के पहुंच पथ के लिए भी कैबिनेट ने संशोधित लागत को मंजूरी दी है।

इस परियोजना के लिए करीब 110 करोड़ रुपये की संशोधित राशि स्वीकृत की गई है। इसमें लगभग 100 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से खर्च किए जाएंगे।

अरवल में सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ जमीन

अरवल जिले के करपी अंचल के बेलखरा में प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। परियोजना के लिए स्वास्थ्य विभाग को 25 एकड़ सरकारी जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से जिले में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए बुनियादी ढांचे के विकास का रास्ता साफ होगा।

बरौनी औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए 700 एकड़ जमीन

बेगूसराय जिले के बरौनी औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को भी कैबिनेट से मंजूरी मिली है। उद्योग विभाग को मल्हीपुर में करीब 700 एकड़ गैरमजरुआ खास भूमि का निशुल्क स्थायी हस्तांतरण किया जाएगा।

इस जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नए उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देना है।

बकरी पालकों के लिए बनेगा सहकारी परिसंघ

प्रदेश में बकरी पालन को संगठित करने के लिए राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ फेडरेशन लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच कुल 14.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हिफर यानी बछिया-पाड़ी पालन केंद्रों की स्थापना के लिए भी राज्य सरकार की ओर से 68.92 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है।

बिहार में लागू होंगे पशु जन्म नियंत्रण नियम

केंद्र सरकार की पशु जन्म नियंत्रण नियमावली 2023 को बिहार में लागू करने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया है। इसके साथ बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम लिमिटेड को विघटित करने और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में ड्राइवर के 64 पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है।

बिहार में लागू होगी ई-कैबिनेट प्रणाली

राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल बनाने की दिशा में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने का भी फैसला किया है। इसके लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 2.75 करोड़ रुपये की निकासी को मंजूरी दी गई है। ई-कैबिनेट प्रणाली के जरिए मंत्रिमंडल से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में काम किया जाएगा।

रामफल मंडल और राजकुमार शुक्ल की स्मृति में राजकीय समारोह

कैबिनेट ने भारत छोड़ो आंदोलन के शहीद रामफल मंडल की स्मृति में हर साल 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है।

स्वतंत्रता सेनानी और चंपारण सत्याग्रह से जुड़े राजकुमार शुक्ल की जयंती के अवसर पर भी हर साल 23 अगस्त को पश्चिमी चंपारण में राजकीय समारोह आयोजित किया जाएगा।

सीवान और मुजफ्फरपुर में विद्युत ग्रिड उपकेंद्र

सीवान जिले के मैरवा अंचल में विद्युत ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए 3.15 करोड़ रुपये की लागत से जमीन बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को हस्तांतरित की जाएगी। वहीं, मुजफ्फरपुर के गायघाट में ग्रिड उपकेंद्र बनाने के लिए 3.15 एकड़ जमीन को करीब 1.98 करोड़ रुपये में हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी दी मंजूरी

बैठक में बिहार विरासत विकास समिति, बिहार संग्रहालय और पटना म्यूजियम से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। बिहार संग्रहालय और पटना म्यूजियम के संचालन एवं रखरखाव के लिए बिहार संग्रहालय समिति को 40 करोड़ रुपये देने की प्रशासनिक मंजूरी मिली है।

इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्यालय स्थापना में कार्यालय परिचारी के 16 पद सृजित करने सहित विभिन्न विभागों से जुड़े प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस तरह 27 एजेंडों पर लिए गए फैसलों में सड़क, शिक्षा, शहरी विकास, उद्योग, स्वास्थ्य, पशुपालन और प्रशासनिक सुधार जैसे कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

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